नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 23 सितंबर को अपने मंत्रियों के साथ चिंतन शिविर में हिस्सा लिया। दो दिन के इस चिंतन शिविर के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रियों से उनके विभागों के कामकाज के बारे में बात की। बताया जा रहा है कि अलग अलग समूह में मंत्रियों की प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई। यह भी बताया गया है कि हर मंत्री के विभाग का प्रेजेंटेशन प्रधानमंत्री के सामने हुआ। जानकार सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के आधार पर मंत्रिमंडल में फेरबदल का फैसला होगा।
चिंतन शिविर के दूसरे दिन यानी गुरुवार को मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा होगी। समीक्षा में मंत्रियों को ग्रेडिंग दी जाएगी। बताया जा रहा है कि मंत्रियों के कामकाज के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं। शानदार, अच्छा, औसत और खराब श्रेणियों में उनके काम को बांटा जाएगा। शानदार से लेकर अच्छा काम करने वाले मंत्री अपने को सुरक्षित मान सकते हैं। औसत और खराब श्रेणी जिनको मिलेगी उनकी सरकार से छुट्टी हो सकती है। यह रिपोर्ट कार्ड मंत्रियों के लिए बहुत अहम साबित होने वाली है। चिंतन शिविर प्रधानमंत्री कार्यालय यानी सेवा तीर्थ में है।
केंद्रीय मंत्रिपरिषद के इस चिंतन शिविर की थीम ‘विकसित भारत 2047’ है। गौरतलब है कि अपनी दूसरी सरकार में 2021 में पूरी केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ पांच चिंतन शिविर किए थे। अभी जो चिंतन शिविर हो रहा है उसमें युवाओं व छात्रों के आंदोलन से लेकर आर्थिक विकास, महंगाई, यूसीसी, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे तमाम समकालीन राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
