नई दिल्ली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद राहुल गांधी ने एक बार फिर अमेरिका के साथ व्यापार संधि को लेकर सरकार पर हमला किया है। राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी पर देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विश्वासघात अब उजागर हो चुका है। राहुल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री इस व्यापार समझौते में फिर से आत्मसमर्पण कर देंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार को निशाना बनाया और सवालिया लहजे में कहा कि टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार किए बिना मोदी सरकार इतनी जल्दबाजी में एक ट्रैप डील में शामिल क्यों हुए, जिसने भारत से भारी रियायतें छीन लीं? खड़गे ने कहा, ‘मोदी जी को देशवासियों के सामने खड़े होकर सच्चाई बतानी चाहिए। किसने या किन कारणों ने आपको भारत के राष्ट्रीय हित और रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता करने के लिए दबाव डाला? क्या यह एप्सटीन फाइल्स थीं। क्या भारत सरकार अपनी गहरी निष्क्रियता से जागेगी? क्या 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान, साथ ही किसानों, मजदूरों, छोटे व्यवसायों और व्यापारियों के हितों की रक्षा करने वाला एक निष्पक्ष व्यापार समझौता पेश करेगी’।
गौरतलब है कि दो फरवरी को दोनों देशों के बीच समझौते की घोषणा हुई थी, जिसमें ट्रंप के 25 फीसदी के रेसिप्रोकल टैरिफ को घटा कर 18 फीसदी करने की घोषणा हुई थी। बहरहाल, कांग्रेस महासचिव और संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने कहा, ‘अगर सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के लिए 18 दिन और इंतजार करती, तो भारतीय किसानों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सकती थी। भारत-अमेरिका व्यापार समझौता असल में एक परीक्षा है, जिसे प्रधानमंत्री की हताशा और आत्मसमर्पण के कारण भारत पर थोपा जा रहा है’।
