नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने राजधानी दिल्ली सहित देश के 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का फैसला किया है। गौरतलब है कि अभी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का काम चल रहा है। पिछले साल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बिहार में एसआईआर का काम हुआ था। अब बचे हुए 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर होगा।
चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने गुरुवार को 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारियों को चिट्ठी लिख कर एसआईआर से जुड़ी तैयारी का काम जल्दी से जल्दी पूरा करने के लिए कहा है। चुनाव आयोग ने अपनी चिट्ठी में बताया कि दिल्ली, कर्नाटक सहित बचे हुए 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पिछले साल 24 जून को पूरे देश में एसआईआर का ऐलान किया था। आयोग ने पहले चरण में बिहार में एसआईआर करवाया था। दूसरे चरण में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 28 अक्टूबर 2025 से एसआईआर चल रहा है। दूसरे चरण में पश्चिम बंगाल सहित वो सभी पांच राज्य हैं, जहां अप्रैल में चुनाव होने वाला है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश भी शामिल है, जहां अगले साल चुनाव होने वाला है। उत्तर प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने में चार बार समय का विस्तार हुआ है। एसआईआर के तहत मतदाता सूची का शुद्धीकरण किया जाएगा। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़े जा रहे हैं और वोटर लिस्ट में सामने आने वाली गलतियों को सुधारा जा रहा है। साथ ही मृत व स्थायी रूप से शिफ्ट हो गए मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।
