कई देशों के नेताओं से मिले मोदी

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नई दिल्ली। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आए कई देशों के राष्ट्रपतियों और प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की और उनके साथ दोपक्षीय वार्ता की। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को स्पेन के राष्ट्रपति से मिले तो फिनलैंड के प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी एस्टोनिया व सर्बिया के राष्ट्रपति और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री से भी मिले। गौरतलब है कि एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए दो दर्जन देशों के प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति भारत आए हैं। मोदी इन सभी नेताओं के साथ मुलाकात करने वाले हैं।

एक दिन पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ दोपक्षीय वार्ता की थी। बुधवार को स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज से मोदी की मुलाकात हुई, जिसमें रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने वर्ष 2026 को ‘इंडिया-स्पेन ईयर ऑफ कल्चर, टूरिज्म एंड एआई’ के रूप में मनाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के एफटीए का स्पेन के साथ आर्थिक साझेदारी पर अत्यंत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ऑरपो के साथ मुलाकात में प्रधानमंत्री मोदी की दोपक्षीय वार्ता में 6जी, स्वच्छ ऊर्जा, जैव ईंधन और सरकुलर इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने दोपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस के साथ बातचीत में डिजिटल प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष जोर रहा। गौरतलब है कि एस्टोनिया को प्रौद्योगिकी और एआई क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए जाना जाता है।

सर्बिया के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वुसिक के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में मुख्य रूप से रक्षा, फर्टिलाइजर उत्पादन जैसे क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई है। पहली बार सर्बिया के साथ रक्षा सहयोग को लेकर इस तरह की व्यापक चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री मोदी की क्रोएशिया के प्रधानमंत्री अंद्रेज प्लेंकोविच से भी मुलाकात हुई। इस दोपक्षीय बैठक में प्रौद्योगिकी के साथ साथ ब्लू इकोनॉमी और कनेक्टिविटी को लेकर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरे यूरोपीय नेताओं की तरह क्रोएशिया के प्रधानमंत्री को भी भारत व यूरोपीय संघ के बीच हुई मुक्त व्यापार संधि में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।


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