स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नहीं बोलने देने, आठ सांसदों को निलंबित करने और विपक्ष की महिला सांसदों पर सदन में प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ करने की साजिश के आरोपों पर विवाद बढ़ गया है। विपक्षी पार्टियों ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। स्पीकर ने लोकसभा सचिवालय को इसकी जांच करने को कहा है। बताया जा रहा है कि इस पर 120 सांसदों के दस्तखत हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि अब स्पीकर ने सदन में नहीं जाने का फैसला किया है।

बताया जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव के सदन में विफल होने के बाद ही वे कार्यवाही का संचालन करने जाएंगे। जानकार सूत्रों के मुताबिक बजट सत्र के दूसरे चरण में नौ मार्च को इस पर चर्चा हो सकती है। गौरतलब है कि बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन 13 फरवरी को है। उसके बाद कार्यवाही स्थगित हो जाएगी और अलग अलग कमेटियां बजट प्रावधानों पर विचार करेंगी। आठ मार्च से सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी।

विपक्ष की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव में कहा गया है, ‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के नियमों के तहत ओम बिरला को लोकसभा स्पीकर के पद से हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस इसलिए दिया गया है क्योंकि वह लोकसभा का कामकाज खुलेआम एकतरफा तरीके से कर रहे हैं’। इसमें कहा गया है, ‘कई मौकों पर, विपक्षी पार्टियों के नेताओं को बोलने नहीं दिया गया, जो संसद में उनका बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार है’।

विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा के महासचिव को दिया है। इसकी जांच की जाएगी और नियमों के मुताबिक इस पर कार्रवाई की जाएगी।  स्पीकर ओम बिरला ने मंगलवार को लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह को विपक्ष की ओर से दिए नोटिस की जांच करने का निर्देश दिया। कांग्रेस क् मुख्य सचेतक के सुरेश ने अपनी पार्टी, समाजवादी पार्टी और डीएमके सहित कई विपक्षी पार्टियों की तरफ से लोकसभा सचिवालय को नोटिस दिया।

हालांकि, ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने नोटिस पर दस्तखत नहीं किए। पार्टी के महासचिव और लोकसभा ने नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी महाभियोग प्रस्ताव पर दस्तखत करने के लिए तैयार हैं। लेकिन उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी है कि वह प्रस्ताव में गिनाए गए चार मुद्दों को उठाते हुए एक चिट्ठी भेजें और स्पीकर को जवाब देने के लिए एक या दो दिन का समय दें’।


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