नई दिल्ली। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी यानी सीपीसी के प्रतिनिधिमंडल से भाजपा नेताओं की मुलाकात पर कांग्रेस ने निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा है कि दोनों के बीच कौन सा गुप्त समझौता हुआ है? एक तरफ चीन गिलगित बाल्टिस्तान के इलाके में शक्शगाम घाटी को अपना बता रहा है और दूसरी ओर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेता भारत आकर भाजपा मुख्यालय में जा रहे हैं और भाजपा के नेताओं से मिल रहे हैं। गौरतलब है कि राहुल गांधी की चीनी कम्युनिस्ट नेताओं से मुलाकात पर आज तक भाजपा आरोप लगाती थी कि कांग्रेस और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी में साठगांठ है।
इसी का हवाला देते हुए कांग्रेस की सोशल मीडिया की प्रभारी सुप्रिया श्रीनेत ने सीपीसी और भाजपा नेताओं की बैठक की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘बीजेपी दफ्तर में बीजेपी नेता और सीपीसी नेताओं के बीच मीटिंग हो रही है। बीजेपी और चीन में कौन सा गुप्त समझौता हुआ? यह रिश्ता क्या कहलाता है? बीजेपी ने देशद्रोह क्यों किया? इसके अलावा कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चीन के विदेश मंत्रालय का वीडियो पोस्ट किया गया। इसमें मंत्रालय प्रवक्ता माओ निंग कहती हैं, ‘शक्सगाम घाटी चीन का इलाका है, यहां बुनियादी ढांचा बनाना गलत नहीं’।
कांग्रेस ने इसके आगे कहा है कि मोदी सरकार की विदेश नीति वेंटिलेटर पर पड़ी है। अब चीन ने जम्मू कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना बताया है। कांग्रेस ने सवालिया लहजे में कहा, ‘मोदी जी ‘लाल आंख’ का क्या हुआ’? गौरतलब है कि, सोमवार को दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में बीजेपी और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। सीपीसी डेलिगेशन का नेतृत्व सुन हेयान ने किया। वे सीपीसी के इंटरनेशनल डिपार्टमेंट में वाइस मिनिस्टर हैं। भादपा के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने किया। भाजपा के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाला ने एक पोस्ट में लिखा कि दोनों पार्टियों के बीच इंटर पार्टी कम्युनिकेशन बढ़ाने पर चर्चा की गई।
