नई दिल्ली/कोलकाता। ईडी ने गुरूवार को कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर धनशोधन की जांच के तहत तलाशी ली। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के कथित अवैध कोयला खनन और तस्करी से जुड़े धन शोधन मामले में की गई।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मौजूदगी में संघीय जांच एजेंसी ने सुबह सात बजे से लगभग 10 परिसरों पर छापेमारी की। इनमें साल्ट लेक स्थित आई-पैक का कार्यालय और लाउडन स्ट्रीट स्थित जैन का घर शामिल है। इन 10 परिसरों में चार दिल्ली में बताए गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि आईआईटी मुंबई के पूर्व छात्र प्रतीक जैन ‘इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी’ (आई-पैक) के सह-संस्थापक और निदेशक हैं। पश्चिम बंगाल में कोयला ‘घोटाले’ से जुड़े कुछ हवाला और नकद लेनदेन के संबंध में उनके खिलाफ “विशिष्ट” साक्ष्य होने का दावा किया गया है।
जैन पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख भी हैं। ईडी का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा नवंबर 2020 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है, जिसमें आसनसोल और आसपास के कुनुस्तोरिया तथा काजोरा क्षेत्रों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स की खदानों से बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी का आरोप लगाया गया था। स्थानीय कोयला व्यापारी अनूप मांझी उर्फ लाला इस मामले में मुख्य संदिग्ध है।
ईडी इससे पहले तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी का दावा है कि अवैध कोयला व्यापार से प्राप्त धन के वह लाभार्थी हैं।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी और आधिकारिक काफिले के साथ जैन के आवास पर पहुंचकर छापेमारी को “राजनीतिक रूप से प्रेरित” और “असंवैधानिक” बताया।
ईडी सूत्रों ने कहा कि यह कार्रवाई “पूरी तरह से कोयला घोटाला मामले और उससे जुड़े अपराध से अर्जित आय” के आधार पर की गई है और इसमें कोई राजनीतिक पहलू नहीं है। जांच एजेंसी ने बताया कि तलाशी के दौरान विशिष्ट कंप्यूटर उपकरण और दस्तावेज़ जब्त किए जा रहे हैं। आई-पैक की ओर से इस कार्रवाई पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
