लखनऊ। चुनाव आयोग ने आखिरकार उत्तर प्रदेश की मसौदा मतदाता सूची जारी कर दी। चार बार के समय विस्तार के बाद मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी हुई, जिसमें 2.89 करोड़ नाम कट गए हैं। पहले राज्य में 15 करोड 44 लाख मतदाता थे, जिनमें से अब 12 करोड़ 55 लाख बचे हैं। 18 फीसदी से ज्यादा यानी हर पांच में से एक मतदाता का नाम कट गया है। लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख नाम कटे हैं, जबकि ललितपुर में सबसे कम 95 हजार नाम कटे हैं।
चुनाव आयोग की ओर से जारी मसौदा मतदाता सूची के मुताबिक 46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए हैं। 2.17 करोड़ लोग अपने पते से स्थायी रूप से शिफ्ट हो गए हैं। इसके अलावा 25.47 लाख डुप्लीकेट मतदाता पाए गए हैं यानी ऐसे मतदाता जिनके नाम एक से ज्यादा जगहों पर सूची में शामिल हैं। आयोग की ओर से कहा गया है कि मतदाता चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर मसौदा मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। इसके अलावा मसौदा मतदाता सूची हर मतदान क्षेत्र के बीएलओ के पास भी होगी और चुनाव कार्यालय में भी उपलब्ध होगी।
मसौदा मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम नहीं हैं, वे छह फरवरी तक नाम जुड़वाने के लिए दावा कर सकते हैं या अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। मतदाता फॉर्म छह या सात भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। दावे के लिए फॉर्म छह और आपत्ति के लिए फॉर्म सात भरे जाएंगे। आयोग ने मतदाताओं की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर, 1950 जारी किया है। शहरी क्षेत्रों में ज्यादा नाम कटने को देखते हुए आयोग ने विशेष शिविर लगाने की योजना बनाई है।
दावे और आपत्ति जमा कराने के एक महीने के बाद छह मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। हालांकि उसके बाद भी लोग फॉर्म छह भर कर अपने नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं। मतदाता सूची के आकलन से ऐसा नहीं लग रहा है कि किसी जाति या किसी खास क्षेत्र में नाम ज्यादा कटे हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले जिलों सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर और संभल में भी 20 फीसदी के करीब ही नाम कटे हैं।
उत्तर प्रदेश से पहले 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का पहला चरण काफी पहले पूरा हो चुका है और मसौदा मतदाता सूची आ चुकी है। इन राज्यों में 3.69 करोड़ मतदातओं के नाम हटे हैं। इन राज्यों में सबसे ज्यादा 97 लाख नाम तमिलनाडु में और 73 लाख नाम गुजरात में कटे हैं। मध्य प्रदेश में 42.74 लाख, छत्तीसगढ़ में 27.34 लाख, केरल में 24.08 लाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 3.10 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं। पश्चिम बंगाल में 58.20 लाख, राजस्थान में 41.85 लाख, गोवा में 11.85 लाख, पुडुचेरी में 1.03 लाख और लक्षद्वीप में 1,616 कटे हैं।
