नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बाद अब चीन ने दावा किया है कि पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में उसने मध्यस्थता की थी और दोनों के बीच युद्ध रूकवाने में भूमिका निभाई थी। चीन ने कहा है कि उसने दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव कम करने में योगदान दिया। चीन ने कहा है कि जब दोनों देशों के बीच हालात बिगड़ गए थे, तब उसने बीच में आकर तनाव कम करने की कोशिश की।
मंगलवार को बीजिंग में आयोजित एक कार्यक्रम में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन दुनिया के कई संघर्षों को सुलझाने में मदद करता रहा है। उन्होंने इसी क्रम में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तनाव के दौरान भी चीन ने मध्यस्थता की थी। चीन के विदेश मंत्रालय ने उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर शेयर किया। गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति पिछले करीब आठ महीने में कम से कम 60 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रूकवाई लेकिन चीन ने पहली बार इसमें मध्यस्थता करने का दावा किया है।
हालांकि भारत हमेशा कहता रहा है कि भारत और पाकिस्तान के विवाद में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं रही है। गौरतलब है कि नवंबर में एक अमेरिकी रिपोर्ट आई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने गलत जानकारी फैलाने की कोशिश की थी। रिपोर्ट में कहा गया कि सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट्स के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाई गई झूठी तस्वीरें फैलाई गईं, जिनका मकसद भारत द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फ्रांस के राफेल लड़ाकू विमानों की छवि को नुकसान पहुंचाना और चीन के अपने जे 35 विमान को बढ़ावा देना था।
भारत ने दावे को खारिज किया
भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने और शांति बहाल कराने के चीन के दावे को भारत ने खारिज किया है। सरकार की ओर से बुधवार को कहा गया कि भारत और पाकिस्तान के संघर्ष समाप्त कराने में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। गौरतलब है कि भारत पहले भी अमेरिका के ऐसे दावे को खारिज करता रहा है। भारत ने अपने उसी स्टैंड को दोहराया है कि पाकिस्तान के अनुरोध पर भारत ने युद्धविराम किया।
