ट्रंप से पहले रुबियो से मिलेंगे नेतन्याहू, अचानक ही बदला शेड्यूल

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को अमेरिका पहुंचे। सोमवार को उनकी मुलाकात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होनी है। पहले इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, लेकिन फिर विदेश मंत्रालय ने शेड्यूल साझा किया। इस बीच अमेरिकी मीडिया में नेतन्याहू के रवैए को लेकर कुछ सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इसमें थोड़ा सा बदलाव किया गया है। वे पहले विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलेंगे, फिर ट्रंप से। नए शेड्यूल के अनुसार, नेतन्याहू सोमवार सुबह 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) रुबियो से मिलेंगे और फिर दोपहर 1 बजे ट्रंप से मिलेंगे।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सोमवार को प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के साथ फ्लोरिडा में उनके मार-ए-लागो रिसॉर्ट में होने वाली मीटिंग को स्थानीय समय के हिसाब से दोपहर 1 बजे कर दिया गया है।

नेतन्याहू के ऑफिस ने शुरू में रिपोर्टर्स को बताया था कि दोनों मीटिंग दिन में बाद में होंगी, लेकिन व्हाइट हाउस और स्टेट डिपार्टमेंट ने सोमवार की मीटिंग के लिए अपडेटेड शेड्यूल जारी किया।

इजरायली प्रधानमंत्री का ये पांचवा दौरा है। हर मुलाकात अपने साथ कुछ अंदेशे लाती है। इस बार भी विदेशी मीडिया कुछ अनहोनी या हमले बढ़ने का अंदेशा जता रहा है।

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इस एजेंडे में गाजा में सीजफायर सबसे ऊपर होगा, जिसका पहला चरण अक्टूबर में शुरू हुआ था। हालांकि शुरुआती फेज के लिए तय शर्तें काफी हद तक पूरी हो चुकी हैं, इजरायल की सेनाएं नई जगहों पर वापस जा रही हैं। हमास ने सभी जीवित बंधकों और मृतकों के अवशेषों को लौटा दिया है, लेकिन ट्रंप के 20-पॉइंट प्लान के दूसरे फेज को लागू करना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

फिलहाल गाजा में फेज 2 को आगे बढ़ाने की बात हो रही है। ट्रंप के प्लान के अगले स्टेज में, हमास के बजाय फिलिस्तीनी इलाके पर ‘नॉन-अलाइंड फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेट्स’ से बनी एक अंतरिम अथॉरिटी शासन करेगी और हजारों सैनिकों वाली एक इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (आईएसएफ) तैनात की जाएगी।

यूएस अधिकारियों के मुताबिक नई अथॉरिटी को लेकर अहम घोषणा जनवरी में की जा सकती है।

शुक्रवार को, यूएस न्यूज आउटलेट एक्सियोस ने बताया कि ट्रंप के वरिष्ठ अधिकारी निराश हो रहे थे “क्योंकि नेतन्याहू ने सीजफायर को कमजोर करने और शांति प्रक्रिया को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।” इजरायली और अमेरिकी एनालिस्ट इस बात से सहमत हैं।

चर्चा आम है कि अमेरिकी प्रशासन नेतन्याहू से निराश हो रहा है। सवाल यह है कि वह इसके बारे में क्या करने जा रहा है, क्योंकि फेज 2 अभी शुरू होता ही नहीं दिख रहा है।

वहीं, इजरायल में अगले 10 महीने के अंदर चुनाव होने वाले हैं, और चुनाव पर नेतन्याहू के एजेंडे का असर दिख सकता है।

डिप्लोमेसी में संकेत और संदेश का महत्व बहुत अहम होता है। दोस्त बीबी का यूएस दौरा, इजरायली मीडिया को कुछ विशेष न बताना, और फिर फ्लोरिडा बैठक का री शेड्यूल होना वो संकेत हैं जो गाजा प्लान के फेज 2 को शुरू न किए जाने के असमंजस और कुछ हद तक नाराजगी को जाहिर करती है।

Pic Credit : ANI


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