नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय वित्त व गृह मंत्री रह चुके पी चिदंबरम ने अधिकतम विमान किराए पर स्थायी सीमा लगाने की मांग की है। उन्होंने रविवार को कहा, ‘जब तक एयरलाइन सेक्टर में सिर्फ दो कंपनियां हावी हैं, तब तक हवाई किरायों पर यह रोक जारी रहनी चाहिए’। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘मुझे खुशी है कि नागरिक विमानन मंत्रालय ने अब जाकर इकोनॉमी क्लास के किरायों को सीमित किया है। जब तक एयरलाइन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा नहीं बढ़ती है, जनता के बचाव के लिए कीमतों को सीमित करना ही उपाय है’।
चिदंबरम ने यह भी कहा कि इंडिगो में हुई गड़बड़ी और देश भर के हवाईअड्डों पर मची अफरातफरी दिखाती है कि इंडिगो प्रबंधन, नागरिक विमानन मंत्रालय, डीजीसीए और सरकार, सब अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे। उन्होंने बताया कि पायलट ड्यूटी टाइम के नए नियम जनवरी 2024 के थे, लेकिन 23 महीनों में सरकार एयरलाइन को इन नियमों के मुताबिक काम करने में मदद नहीं कर सकी। जब संकट बढ़ा, सरकार कुछ कर नहीं पाई और अंत में हार मान ली।
