उड़ान रद्द होने से बढ़े किराये पर सरकार की सख्ती

Categorized as समाचार

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने फ्लाइट्स के किराए की अधिकतम सीमा तय कर दी है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया है। इसकी जानकारी खुद नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने दी है। ये निर्णय इंडिगो की फ्लाइट रद्द होने के बाद अचानक बढ़ा किराया लेने की शिकायतें सामने आने के बाद लिया गया। 

आदेश में कहा गया है कि निर्धारित एयरलाइन की उड़ानों में आए व्यवधान और बड़ी संख्या में उड़ान रद्द होने के बाद कई रूटों पर हवाई किरायों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने यात्रा के दौरान अत्यधिक किराया वसूले जाने पर रोक लगाने के लिए घरेलू उड़ानों की अधिकतम किराया सीमा तय कर दी है।

सरकार ने कहा कि उड़ान रद्द होने के कारण क्षमता कम हो गई, जिसके चलते कुछ सेक्टरों में किराए असामान्य रूप से बढ़ गए। ऐसे में यात्रियों के हित में यह निर्णय लिया गया है।

Also Read : इंडिगो सेवा बाधित मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश: उड्डयन मंत्री नायडू

नए फैसले के मुताबिक 500 किलोमीटर तक के लिए अधिकतम किराया 7,500 रुपए, 500–1000 किलोमीटर तक के लिए 12,000 रुपए, 1000–1500 किलोमीटर तक के लिए 15,000 रुपए और 1500 किलोमीटर से अधिक के लिए 18,000 रुपए लिए जा सकेंगे। इसमें यूडीएफ, पीएसएफ और टैक्स शामिल नहीं हैं।

इनका बिजनेस क्लास और उड़ान योजना (आरसीएस–उड़ान) की सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सरकार ने कहा है कि यह किराया सीमा तब तक लागू रहेगी जब तक किरायों में स्थिरता नहीं आ जाती या सरकार आगे समीक्षा नहीं करती। यह सीमा सभी तरह की बुकिंग पर लागू होगी, चाहे टिकट एयरलाइन की वेबसाइट से खरीदा गया हो या किसी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट से।

एयरलाइनों को निर्देश है कि सभी किराया श्रेणियों में सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और जहां जरूरत हो, बढ़ती मांग को देखते हुए अतिरिक्त क्षमता जोड़ने पर विचार करें। प्रभावित सेक्टरों पर अचानक या अनावश्यक बढ़ोतरी से बचने को कहा गया है।

एयरलाइंस को यात्रियों को अधिकतम सहायता देने और संभव हो तो वैकल्पिक उड़ान विकल्प प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। केंद्र सरकार के इस आदेश को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। ये निर्देश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद जारी किए गए हैं।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

विपक्ष कैसे रोक देता है सरकार को?

April 23, 2026

सरकार अपने जिस एजेंडे को लागू करने में किसी भी कारण से विफल हो जाती है उसके बारे में कहा जाता है कि विपक्ष ने और खास कर कांग्रेस ने नहीं करने दिया। दूसरी प्रादेशिक पार्टियों पर भी ठीकरा फोड़ा जाता है। हैरानी की बात है कि सरकार इतनी शक्तिशाली है, जिसने तमाम विवादित मुद्दों…

बिहार में कांग्रेस की मुश्किल

April 23, 2026

बिहार में कांग्रेस पार्टी के छह विधायक जीते थे। चुनाव नतीजों के कुछ दिन बाद राहुल गांधी ने सभी विधायकों को दिल्ली बुला कर एक बैठक की थी और कहा गया था कि जल्दी ही विधायक दल का नेता चुना जाएगा। लेकिन पांच महीने बाद भी कांग्रेस ने विधायक दल का नेता नहीं चुना है।…

ममता को बाहरी वोट की चिंता क्यों?

April 23, 2026

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी इस बार परेशान बताई जा रही हैं। लेकिन कोलकाता के जानकार लोगों के कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। हर चुनाव में वे परेशान होती हैं लेकिन अंत में जीत उनकी होती है। अब पता नहीं चार मई को नतीजा क्या…

स्टालिन को सहयोगियों से मदद नहीं

April 23, 2026

तमिलनाडु में एमके स्टालिन और उनकी पार्टी डीएमके सबसे ज्यादा भरोसे में है। पार्टी जीत के प्रति आश्वस्त है। लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि को यह अंदाजा है कि इस बार पहले जितनी सीटें नहीं आ रही हैं। पिछली बार डीएमके ने 133 सीट अकेले जीती थी। उसने…

चेतना संचार और पतितपावनी गंगा

April 23, 2026

वैशाख शुक्ल सप्तमी, जिसे गंगा सप्तमी या जह्नु सप्तमी कहा जाता है, गंगा के दूसरे जन्म का प्रतीक पर्व है। कथा के अनुसार जब गंगा ने ऋषि जह्नु के यज्ञ स्थल को जलमग्न कर दिया, तो उन्होंने क्रोध में गंगा को पी लिया और बाद में अपने कान से उन्हें पुनः बाहर निकाला। यह प्रसंग…

logo