नई दिल्ली। भारत में सबसे ज्यादा उड़ानों का संचालन करने वाली इंडिगो की सेवाएं गुरुवार को लगातार तीसरे दिन प्रभावित हुई। गौरतलब है कि नागरिक विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए की ओर से पायलट से लेकर ग्राउंड स्टाफ तक के कामकाज की समय अवधि सहित कई नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियमों की वजह से विमानों का परिचालन प्रभावित हो रहा है। इंडिगो ने कहा है कि पांच दिसंबर तक स्थिति में सुधार होगा। गुरुवार को उसकी तीन सौ से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं।
बताया गया है कि गुरुवार की देर शाम तक दिल्ली, मुंबई सहित 10 से ज्यादा हवाईअड्डों से इंडिगो की तीन सौ से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। इसके अलावा सैकड़ों उड़ानों में देरी हुई। कई हवाइअड्डों पर लोगों को आठ-आठ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। क्योंकि विमानन कंपनी की ओर से विमान रद्द होने की सूचना नहीं दी जा रही थी। बहरहाल, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर गुरुवार को इंडिगो की करीब एक सौ उड़ानें रद्द हुई हैं। मुंबई में 86, बेंगलुरु में 50 और हैदराबाद में 70 उड़ानें रद्द होने की खबर है।
गौरतलब है कि डीजीसीए ने सभी विमानन कंपनियों के लिए एक नवंबर से पायलटों और चालक दल के अन्य सदस्यों के काम से जुड़े सुरक्षा नियमों में बदलाव किए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर इंडिगो एयरलाइन पर पड़ा है। बुधवार को भी इंडिगो की दो सौ के करीब उड़ानें रद्द हुई थीं। इसे लेकर गुरुवार को इंडिगो के अधिकारी डीजीसीए से मुलाकात करने पहुंचे। ध्यान रहे इंडिगो दिन भर में करीब 23 सौ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन करती है। यह संख्या एयर इंडिया के एक दिन में संचालित उड़ानों की लगभग दोगुनी है।
बहरहाल, बताया जा रहा है कि बुधवार को दौ सो विमानों के रद्द होने के बाद नागरिक विमानन महानिदेशालय ने इंडिगो से मौजूदा दिक्कतों के कारणों और उनसे निपटने के लिए प्लानिंग का ब्योरा मांगा था। इसके बाद ही गुरुवार को कंपनी के अधिकारी डीजीसीए से मिलने गए थे। डीजीसीए ने कहा कि वह उड़ानों में देरी और रद्द होने के मामले की जांच कर रहा है।
