नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में प्राथमिक स्कूलों के 32 हजार शिक्षकों की नौकरी अब नहीं जाएगी। कलकत्ता हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने बुधवार को 2023 का फैसला पलट दिया। जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती और जस्टिस रीताब्रत कुमार मित्रा की बेंच ने कहा कि नौ साल बाद नौकरी खत्म करने का प्राथमिक शिक्षकों और उनके परिवारों पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। हाई कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुशी जताते हुए कहा कि इससे हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।
गौरतलब है कि 2023 में जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय की सिंगल बेंच ने 2016 में भर्ती हुए टीचरों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। इस भर्ती के खिलाफ कुछ उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि प्राइमरी एजुकेशन बोर्ड ने चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की थी। हालांकि डिवीजन बेंच ने कहा कि वह सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखने के पक्ष में नहीं है, क्योंकि सभी भर्तियों में अनियमितताएं साबित नहीं हुई हैं।
