निठारी हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

Categorized as समाचार

निठारी हत्याकांड के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुरेंद्र कोली को रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि कोली पर लगाए गए सभी आरोपों से उसे बरी किया जाता है और उसकी सभी सजाएं रद्द की जाती हैं।  

जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने 2011 के पुनर्विचार फैसले को वापस लेते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की अपील स्वीकार की जाती है और इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया जाता है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सुरेंद्र कोली को तत्काल रिहा किया जाए।

यह फैसला निठारी हत्याकांड के बाद आया, जिसने साल 2006 में पूरे देश को दहला दिया था, जब नोएडा के निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल बरामद हुए थे। इस वारदात ने पुलिस और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया था।

Also Read : बिहार चुनाव: दोपहर तीन बजे तक 60 फीसदी से अधिक वोटिंग

मामले में पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि कोली बच्चों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर लाता था, उनके साथ दुष्कर्म करता और फिर हत्या कर शवों को नाले में फेंक देता था। मामला सामने आने के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था। जांच सीबीआई को सौंपी गई, जिसने कई मामलों में चार्जशीट दाखिल की।

कोली पर 13 मामलों में आरोप लगाए गए, जबकि पंढेर का कुछ मामलों में सहआरोपी के रूप में नाम आया। समय के साथ अदालतों ने सुनवाई की और कोली को 12 मामलों में बरी कर दिया गया, लेकिन एक मामले में 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी।

अब सुप्रीम कोर्ट ने उस पुराने फैसले को पलटते हुए कहा है कि कोली के खिलाफ सबूत पर्याप्त नहीं हैं और जांच में गंभीर खामियां रही हैं। इसलिए न्याय के हित में उसे बरी किया जाता है।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

नीतीश किसको नेता चुनेंगे?

April 22, 2026

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रिटायर नहीं हो रहे हैं। माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री पद से हटा कर राज्यसभा भेजने का कदम उनको संन्यास पर रवाना करने वाला साबित होगा। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उनके आसपास की जो टीम उनके मुख्यमंत्री रहते सत्ता का सुख ले रही थी वह अब…

केजरीवाल और स्टालिन एक साथ

April 22, 2026

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की जो भी रिपोर्ट आ रही है उसमें कहा जा रहा है कि तमिलनाडु और उससे सटे केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भाजपा विरोधी गठबंधन में कमजोर कड़ी कांग्रेस है। चुनाव प्रचार समाप्त होने से ठीक पहले सर्वे करने वाली एजेंसियों ने जो डाटा इकट्ठा किया है उसके मुताबिक तमिलनाडु में डीएमके…

बंगाल में आखिर लाखों लोग छूट गए

April 22, 2026

पश्चिम बंगाल में सब कुछ अभूतपूर्व हो रहा है। पहली बार ऐसा हुआ कि मतदान के लिए प्रचार समाप्त होने और साइलेंट पीरियड शुरू होने तक मतदाता सूची में नाम जोड़े गए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि तार्किक विसंगति के आधार पर जिन 27 लाख लोगों के नाम कटे हैं उनके नाम जैसे…

झारखंड की तरह बंगाल भी डुबाएंगे हिमंता

April 22, 2026

असम के चुनाव के बाद वहां के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। वे स्टार प्रचारकों की सूची में हैं। झारखंड में तो वे सह प्रभारी थे। जिस तरह से उन्होंने झारखंड में घुसपैठ के बहाने मुस्लिम विरोध दिखाया उससे भाजपा को बहुत नुकसान…

वेदांता, टाटा, लेंसकार्ट सबकी एक दशा

April 22, 2026

भारत में हमेशा राजनीतिक लड़ाइयों की चर्चा होती है। पार्टियों के बीच कैसा मुकाबला चल रहा है और कहां चुनावी लड़ाई में कौन आगे है इससे सब परिचित होते हैं। लेकिन कॉरपोरेट वॉर की चर्चा होती ही नहीं है। होती भी है तो बड़े सतही स्तर पर होती है। मीडिया में भी इसकी चर्चा बहुत…

logo