पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन के ‘तेजस्वी प्रण’ के मुकाबले सत्तारूढ़ एनडीए ने संकल्प पत्र जारी किया। शुक्रवार को पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में इसे जारी किया गया है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और एनडीए के अन्य घटक दलों के नेता मौजूद थे। एनडीए के संकल्प पत्र में अगले पांच साल में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का वादा किया गया है। घोषणापत्र जारी होने के बाद उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मीडिया को इसके बारे में जानकारी दी।
गौरतलब है कि महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है। बहरहाल, एनडीए के संकल्प पत्र में नीतीश कुमार की नीति के मुताबिक महिलाओं पर खास ध्यान दिया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार बनी तो महिलाओं को दो लाख रुपए तक की मदद दी जाएगी। इसके अलावा एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
एनडीए ने सरकार बनने पर गरीबों के लिए केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा का भी वादा किया है। शिक्षा में सुधार और दुनिया के बड़े विश्वविद्यालयों का कैम्पस खोलने का वादा भी किया गया है। इसमें कहा गया है कि सरकार कृषि क्षेत्र में उद्योगों का विकास करने के लिए एक लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगी। एनडीए ने मां जानकी के मंदिर को अगले पांच साल में पूरा करने का वादा किया है। इस इलाके को ‘सीतापुरम’ के नाम से विकसित किया जाएगा।
एनडीए के घोषणापत्र में आनेवाले समय में बिहार के चार शहरों में मेट्रो सेवा शुरू करने का वादा भी किया गया है। एनडीए का संकल्प पत्र पटना के होटल मौर्या में जारी किया गया, जहां भाजपा और जदयू के अलावा सभी घटक दलों के नेता जीतन राम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा मौजूद थे। घोषणापत्र जारी होने के बाद सारे नेता प्रचार के लिए निकल गए और सम्राट चौधरी ने मीडिया से बात करके इसके बारे में पूरी जानकारी दी।
