अहमदाबाद। सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर उनको श्रद्धांजलि देते हुए कांग्रेस पर बड़ा हमला किया। प्रधानमंत्री मोदी ने केवड़िया में बने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास एक परेड का भी निरीक्षण किया और उसके बाद कहा कि कांग्रेस ने देश के महापुरुषों की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद एकता व संप्रभुता के साथ मजबूत भारत का जो सपना देशवासियों ने देखा था उसे सरदार पटेल के निधन के बाद कांग्रेस सरकारों भुला दिया। नक्सलवाद, माओवाद व घुसपैठ पनपता रहा, कश्मीर व पूर्वोत्तर में देश टूट के कगार पर था लेकिन उनको कोई फर्क नहीं पडा।
कांग्रेस पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने सरदार पटेल ही नहीं डॉ अंबेडकर, सुभाष चंद्र बोस, कर्पूरी ठाकुर, जयप्रकाश नारायण जैसी महान विभूतियों के साथ भी अन्याय किया। उन्होंने कहा कि पटेल के निधन के बाद कांग्रेस उनकी नीतियों से भटक गई। गौरतलब है कि देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल की डेढ़ सौवीं जयंती पर गुजरात के नर्मदा जिले के केवडिया में एकता परेड आयोजित की गई।
वही पर प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी के 75 वर्ष में देश की एकता व संप्रभुता के समक्ष आई चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने देश की एकता व संप्रभुता को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर में हुई गलती के कारण देश का टुकड़ा अलग हुआ इसके बाद पूर्वोत्तर की समस्या उत्पन्न हुई। नक्सलवाद, माओवाद व आतंक ने देश की संप्रभुता को चुनौती दी तब सरकारों ने सरदार की नीति पर चलने के बजाये रीढ विहीन नीति को चुना।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने अंग्रेजों से सत्ता के साथ गुलामी की मानसिकता को भी आत्मसात कर दिया था। अंग्रेजों ने देश की एकता को तोडने के लिए वंदे मातरम पर रोक लगाई और कांग्रेस ने तुष्टीकरण के लिए देश की आत्मा में बसे वंदे मातरम जैसे गीत के एक हिस्से को काट दिया। उन्होंने बताया कि कैसे कांग्रेस राज में देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया तथा उनके सत्ता में आने के बाद एक एक समस्या का स्थायी समाधान किया गया। मोदी ने कांग्रेस नेताओं पर देश के सम्मान से समझौता करने व महान विभूतियों की अनदेखी का भी आरोप लगाया।
