ट्रंप ने थाईलैंड-कंबोडिया शांति समझौते पर दस्तखत कराया

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कुआलालम्पुर। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति का नोबल पुरस्कार भले नहीं मिला है लेकिन वे एक के बाद एक शांति समझौते करा रहे हैं। मिस्र के शर्म अल शेख में इजराइल और हमास शांति समझौते के बाद अब उन्होंने रविवार को थाईलैंड और कंबोडिया के बीच शांति समझौते पर दस्तखत कराया है। इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप रविवार सुबह मलेशिया के दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने रेड कॉर्पेट पर स्थानीय कलाकारों के साथ डांस किया। बाद में उनकी मौजूदगी में थाईलैंड और कंबोडिया ने सैन्य संघर्ष को खत्म करने के लिए शांति समझौते पर दस्तखत किए।

इस मौके पर ट्रंप ने कहा कि जिसे लोग असंभव मान रहे थे, उसे उन्होंने संभव कर दिखाया है। उनहोंने कहा, ‘यह बहुत रोमांचक है, क्योंकि हमने कुछ ऐसा किया जो कई लोग असंभव मानते थे। दो महान देश, लेकिन वे आपस में टकरा रहे थे। मैं इन दोनों साहसी नेताओं को बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने यह ऐतिहासिक कदम उठाया’। गौरतलब है कि थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक मंदिर विवाद को लेकर पांच दिनों तक जंग चली थी, जिसमें 48 लोगों की मौत हुई थी। इसे खत्म कराने में ट्रंप का बड़ा रोल था।

इससे पहले कुआलालम्पुर पहुंचने पर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रेड कार्पेट पर उनका स्वागत किया। ट्रंप 2017 के बाद पहली बार इस सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने बाद में मलेशिया के प्रधानमंत्री इब्राहिम के साथ दोपक्षीय बैठक की। सम्मेलन से इतर अमेरिका और वियतनाम ने आपसी व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक समझौते पर सहमति जताई। इस समझौते का मकसद दोनों देशों के व्यापार को न्यायसंगत और संतुलित बनाना है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने मलेशिया में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा से मुलाकात की। इस दौरान ट्रंप का रुख नरम नजर आया। दोपक्षीय बैठक में ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम ब्राजील के साथ समझौता करेंगे। हम बहुत अच्छे संबंध में हैं’। इससे पहले अगस्त में ट्रंप ने ब्राजील पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया था। इसके पीछे ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति और ट्रंप के समर्थक जायर बोल्सोनारो के खिलाफ मुकदमा चलाने को वजह बताया गया था।


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