भारत-आसियान की है 21वीं सदी

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया में हो रहे आसियान शिखर सम्मेलन को वर्चुअल तरीके से संबोधित किया और कहा कि 21वीं सदी भारत और आसियान की होने वाली है। प्रधानमंत्री ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आसियान को संबोधित करते हुए कहा कि आसियान भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ का सबसे अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा आसियान की लीडरशिप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए इसके नजरिए का समर्थन करता है। आसियान सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हुए हैं। इससे पहले पिछले हफ्ते अचानक प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा रद्द होने की खबर आई थी।

बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी ने आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “21वीं सदी भारत और आसियान की सदी है। मुझे भरोसा है कि ‘आसियान विजन 2045’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य पूरी दुनिया के लिए बेहतर भविष्य बनाएंगे”। मोदी ने कहा, “इस साल की थीम ‘इनक्लूसिविटी एंड सस्टनेबिलिटी’ है। यह थीम हमारे साझा कामों में दिखती है, जैसे डिजिटल सुविधाएं सब तक पहुंचाना, फूड सिक्योरिटी और लॉजिस्टिक सप्लाई मजबूत करना। भारत इसका पूरा समर्थन करता है और इस दिशा में काम करने को तैयार है”।

आसियान के साथ भारत के जुड़ाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत हर मुश्किल समय में आसियान देशों के साथ खड़ा रहा है। डिजास्टर मैनेजमेंट, समुद्र की सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी में हमारा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है’। उन्होंने ऐलान किया कि 2026 को ‘भारत-आसियान समुद्री सहयोग का साल’ बनाया जाएगा। इसके तहत पढ़ाई, पर्यटन, विज्ञान, स्वास्थ्य, हरित ऊर्जा और साइबर सुरक्षा में एक दूसरे की मदद बढ़ेगी। गौरतलब है कि आसियान दक्षिण पूर्व एशिया के 10 देशों का एक मंच है।

अपने भाषण की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को शानदार आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने तिमोर लेस्ते को आसियान का नया सदस्य बनने पर स्वागत किया और थाईलैंड की रानी मां के निधन पर दुख जताया। मोदी ने कहा, ‘भारत और आसियान मिलकर दुनिया की एक चौथाई आबादी का हिस्सा हैं। हमारे बीच पुराने और गहरे रिश्ते हैं। हम एक ही तरह की सोच और संस्कृति साझा करते हैं। हम ग्लोबल साउथ का हिस्सा हैं। हमारे बीच व्यापार के साथ-साथ संस्कृति का भी मजबूत रिश्ता है’।

सम्मेलन के मेजबान मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने उम्मीद जताई कि इस साल के अंत तक भारत और आसियान के बीच व्यापार समझौता पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को आसियान का दोस्त बताया। फिलीपींस के राष्ट्रपति बोंगबोंग मार्कोस ने कहा कि भारत के पास आसियान देशों को देने के लिए बहुत कुछ है। उन्होंने कहा, ‘हम भारत की ओर देख सकते हैं’। दक्षिण चीन सागर के मुद्दे पर मार्कोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रिया करते हुए कहा, ‘भारत ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय कानून और नियमों का समर्थन किया है’।


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