चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आईपीएस वाई पूरन कुमार के शव का पोस्टमॉर्टम उनकी मौत के आठ दिन बाद भी नहीं हो पाया है। उनकी पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार और परिवार इस बात पर अड़ा है कि छुट्टी पर भेजे गए राज्य के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर को और रोहतक के पूर्व एसपी को गिरफ्तार किया जाए। इस बीच पूरन कुमार की खुदकुशी के आठवें दिन मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी उनके परिवार से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे।
इस बीच मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास पर विधायकों और मंत्रियों से मीटिंग की। बताया जा रहा है कि डीजीपी को छुट्टी पर भेजने और रोहतक के एसपी को हटाने के बाद सरकार अब पूरन कुमार के परिवार से बातचीत के मूड में नहीं है। मीटिंग में स्पष्ट रूप से कहा गया कि पोस्टमॉर्टम के बाद ही परिवार से कोई बात की जाएगी।
बहरहाल, मंगलवार की सुबह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूरन कुमार के परिवार से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार तमाशा बंद कर दे। राहुल ने कहा कि परिवार पर प्रेशर डाला जा रहा है। यह नहीं होना चाहिए। हरियाणा सरकार अफसरों को गिरफ्तार करे और दिवंगत आईपीएस का अपमान न करे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कार्रवाई करने की अपील की। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी आईपीएस पूरन कुमार को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि परिवार की हर मांगें पूरी की जाएगी।
पूरन कुमार के परिवार से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने दलितों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘आईपीएस की दो बेटियां हैं। उन्होंने अपने पापा को खोया है। उन पर बहुत प्रेशर और डिस्टरबेंस हो रहा है। दलित कपल है। यह बिल्कुल क्लियर है कि 10-15 दिन से नहीं, बल्कि सालों से व्यवस्थित रूप से भेदभाव हो रहा है’। राहुल ने आगे कहा, ‘इस अफसर को डिमोरलाइज करने के लिए, करियर और रेपुटेशन डैमेज करने के लिए दूसरे अफसर सिस्टमेटिक ढंग से काम कर रहे थे। यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है। देश में करोड़ों दलित भाई-बहन हैं। उनको गलत मैसेज जा रहा है। उन्हें मैसेज जा रहा है कि आप कितने भी सक्सेसफुल हों, कितने भी इंटेलिजेंट हों, कितने भी कैपेबल हों, अगर आप दलित हों तो आपको दबाया, कुचला और फेंका जा सकता है। यह हमें स्वीकार नहीं है’।
