प्रधानमंत्री एक बार फिर पूर्वोत्तर पहुंचे

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इटानगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 दिन के भीतर दूसरी बार पूर्वोत्तर के दौरे पर पहुंचे। मणिपुर, मिजोरम और असम के बाद इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा का दौरा किया। प्रधानमंत्री ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर में 51 सौ करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं की नींव रखी।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने पहले की कांग्रेस सरकारों पर जम कर हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘अरुणाचल को कांग्रेस ने नजरअंदाज किया। हमारा पूरा नॉर्थ ईस्ट छूट गया। जब मुझे सेवा का अवसर दिया तो मैंने कांग्रेसी सोच से देश को मुक्ति दिलाई’। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमारी प्रेरणा इसी राज्य में वोटों और सीटों की संख्या नहीं, नेशन फर्स्ट की भावना है’।

कार्यक्रम के बाद अपने भाषण में मोदी ने कहा, ‘जिनको कभी किसी ने नहीं पूछा उनको मोदी पूजता है। इसलिए जिस नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस ने भुला दिया था वो 2014 के बाद विकास की प्राथमिकता बन गया है। हमने नॉर्थ ईस्ट में लास्ट माइल कनेक्टिविटी को अपनी सरकार की पहचान बनाया और यहां के आठ राज्यों को अष्टलक्ष्मी माना है’। प्रधानमंत्री के पूर्वोत्तर में आठ राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा का जिक्र किया।

बहरहाल, अरुणाचल प्रदेश के के बाद प्रधानमंत्री मोदी त्रिपुरा पहुंचे। उन्होंने माताबाड़ी में नए सिरे बने माता त्रिपुर सुंदरी मंदिर का उद्घाटन किया और पूजा की। मंदिर परिसर में एक प्रदर्शनी भी प्रधानमंत्री ने देखा। गौरतलब है कि यह मंदिर 51 शक्ति पीठों में से एक है। इस मंदिर का पुनर्निर्माण 52 करोड़ रुपए की लागत से हुआ है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा, ‘आज मुझे यहां सुंदर पर्वतों के दर्शन का सौभाग्य मिला। नवरात्र के पहले दिन आज सब मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं जो पर्वतराज हिमालय की बेटी हैं’। उन्होंने दूसरा  कारण यह बताया कि सोमवार से ही जीएसटी में बदलाव लागू हुए हैं, जिसे प्रधानमंत्री ने बचत उत्सव का नाम दिया है। उन्होंने कहा, ‘जनता जर्नादन को डबल बोनांजा मिला है’। प्रधानमंत्री ने तीसरा कारण यह बताया कि अरुणाचल प्रदेश को विकास के ढेर सारे प्रोजेक्ट मिले हैं।


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