उत्तराखंड में बारिश का कहर : ऋषिकेश में उफान पर चंद्रभागा नदी, हल्द्वानी में बही बोलेरो

Categorized as समाचार

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। उत्तराखंड के ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। प्रशासन ने नदी के बीच में फंसे तीन व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश में सुबह से हो रही भारी बारिश के कारण चंद्रभागा नदी उफान पर आ गई। नदी का पानी हाईवे तक पहुंच गया, जिससे कई वाहन फंस गए। इस दौरान नदी के बीच में फंसे तीन व्यक्तियों, खुशपाल सिंह (चिन्यालीसौड़), मनोज रावत (चंबा), और बॉबी पंवार (ढाल वाला), को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम ने तेजी दिखाते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।

इसके अलावा, मुनिकीरेती क्षेत्र में खारा स्रोत के पास सड़क पर मलबा आने से कई वाहन फंस गए। साथ ही, पीडब्ल्यूडी तिराहे से आगे एक बड़ा पेड़ गिरने के कारण सड़क पूरी तरह बाधित हो गई। एसडीआरएफ टीम और प्रशासन ने मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया है, ताकि यातायात सुचारू हो सके।

इसके साथ ही, प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहा है।

Also Read :  ट्रेडिशनल लुक में टीना दत्ता का अनोखा अंदाज

इस बीच, उत्तराखंड पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर चंद्रभागा नदी में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो शेयर किया गया है। उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, “अतिवृष्टि से ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी का जलस्तर बढ़ने से हाईवे तक पानी भर गया और कई वाहन फंस गए। इसी दौरान बीच नदी में फंसे 3 लोगों को उत्तराखंड पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

दूसरी ओर, हल्द्वानी के कालाढूंगी थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां भारी बारिश के कारण एक बोलेरो गाड़ी बरसाती नाले में बह गई।

बताया जा रहा है कि कोटाबाग से पतलिया जाने वाली सड़क पर घरुड़ी बरसाती नाला उफान पर आ गया। इस दौरान बोलेरो गाड़ी सवार तीन युवकों ने नाले को पार करने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव में गाड़ी बह गई।

स्थानीय लोगों ने गाड़ी में सवार तीन में से दो लोगों को रेस्क्यू कर बचा लिया, लेकिन एक युवक पानी के तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और कालाढूंगी पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और उन्होंने देर रात सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण लापता युवक का पता नहीं चल सका। हालांकि, मंगलवार सुबह से युवक की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है।

पुलिस क्षेत्राधिकारी सुमित पांडे ने कहा कि बारिश के दौरान नदी-नालों को पार न करने की अपील की जा रही है, लेकिन लोग चेतावनी बोर्डों के बावजूद जोखिम ले रहे हैं।

नैनीताल जिले में देर रात से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं और पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

Pic Credit : ANI


Previous News Next News

More News

वंदे मातरम पर ‘इंडिया’ ब्लॉक में मतभेद

September 13, 2026

कांग्रेस पार्टी ने अचानक वंदे मातरम को बड़ा मुद्दा बना दिया है और इस पर टकराव पैदा कर रही है। यह अचानक हुआ इसलिए लग रहा है क्योंकि संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस इस पर अपनै स्टैंड स्पष्ट करने से बच रही थी। कांग्रेस के नेता इस बात से खुश थे कि जंतर मंतर…

केजरीवाल, पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता

September 13, 2026

भारत में राजनीति को जाति के स्टीरियोटाइप में देखा जाता है। जब भी किसी पार्टी के संगठन के पदाधिकारियों की घोषणा होती है तो देखा जाता है कि उसमें जातीय समीकरण का कितना ध्यान रखा गया है। ऐसे की सरकार के मंत्रियों के चयन में भी सामाजिक, क्षेत्रीय संतुलन की बात होती है। हर जाति…

टकराव की राजनीति बढ़ा रहे हैं केजरीवाल

September 13, 2026

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल इन दिनों पूरी तरह से पंजाब की राजनीति में लगे हैं। वे रैलियां और चुनावी कार्यक्रम कर रहे हैं और साथ साथ टिकट बंटवारे से लेकर चुनावी रणनीति बनाने में भी लगे हैं। राघव चड्ढा और उनसे भी ज्यादा संदीप पाठक के पार्टी छोड़ने के बाद केजरीवाल पर…

धीरेंद्र शास्त्री ने भाजपा का नुकसान कर दिया

September 13, 2026

पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद बड़े धूमधड़ाके से बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री बंगाल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार थी तो उनको राज्य में नहीं आने दिया जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार बदल गई है और लोगों का मन बदलना चाहिए। सोचें, बंगाल में लोगों…

आर्थिक विकासः इतने बंटे हुए क्यों हैं अहसास!

September 13, 2026

लोग यह पूछने लगे हैं कि अगर तेज गति से आर्थिक वृद्धि दर्ज हो रही है, तो वह आम जिंदगी में महसूस क्यों नहीं हो रही है? आंकड़ों की साख का सवाल तो पुराना है, मगर ताजा बहस के क्रम में आम तजुर्बे के खिलाफ आए आंकड़ों पर सरल, लेकिन कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाए…

logo