जीएसटी घटेगी, कई चीजें सस्ती होंगी

Categorized as समाचार

नई दिल्ली। वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी की दरों में बदलाव करने के लिए जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक हो रही है। दो दिन की इस बैठक के पहले दिन बुधवार को कई बड़े फैसले होने की खबर है। हालांकि साथ ही कई गैर भाजपा शासित राज्यों ने इस पर आपत्ति भी जताई है और कहा है कि जीएसटी की दरों में बदलाव से राज्यों को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई केंद्र सरकार करे। झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने दो हजार करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका जताई है।

बहरहाल, जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक के पहले दिन 12 और 28 फीसदी के स्लैब को हटाने की मंजूरी दिए जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि अब सिर्फ पांच और 18 फीसदी के स्लैब रहेंगे और 12 फीसदी के स्लैब में आने वाली ज्यादातर वस्तुओं को पांच फीसदी के स्लैब में डाल दिया जाएगा। इससे आम लोगों के रोजमर्रा की जरुरत की बहुत सारी चीजें सस्ती हो सकती हैं। चार सितंबर को दूसरे दिन की बैठक के बाद फैसलों का ऐलान किया जाएगा।

पहले दिन की बैठक के बाद खबर है कि ढाई हजार रुपए तक के जूते और कपड़ों पर जीएसटी दर घटाकर पांच फीसदी की जाएगी। अब तक यह छूट एक हजार तक के उत्पादों पर थी। एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अब लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों यानी एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए जीएसटी पंजीयन में लगने वाला समय 30 दिन से घटाकर सिर्फ तीन दिन कर दिया गया है। यह भी कहा जा रहा हैकि निर्यातकों को अब जीएसटी रिफंड ऑटोमेटिक रूट से मिलेगा। इस प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।

पहले दिन की बैठक के बाद बताया जा रहा है कि जीएसटी काउंसिल ने स्वास्थ्य औरर जीवन बीमा के प्रीमियम की दरों में कटौती करने पर सहमति जताई है। इससे जीवन और स्वास्थ्य बीमा लेना सस्ता हो जाएगा। यह भी कहा जा रहा है कि जीवन रक्षक दवाओं पर भी जीएसटी दरें कम की जाएंगी। पहले दिन की बैठक में ऑटोमेटिक रिटर्न फाइलिंग सिस्टम लाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।


Previous News Next News

More News

वंदे मातरम पर ‘इंडिया’ ब्लॉक में मतभेद

September 13, 2026

कांग्रेस पार्टी ने अचानक वंदे मातरम को बड़ा मुद्दा बना दिया है और इस पर टकराव पैदा कर रही है। यह अचानक हुआ इसलिए लग रहा है क्योंकि संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस इस पर अपनै स्टैंड स्पष्ट करने से बच रही थी। कांग्रेस के नेता इस बात से खुश थे कि जंतर मंतर…

केजरीवाल, पंकज गुप्ता और एनडी गुप्ता

September 13, 2026

भारत में राजनीति को जाति के स्टीरियोटाइप में देखा जाता है। जब भी किसी पार्टी के संगठन के पदाधिकारियों की घोषणा होती है तो देखा जाता है कि उसमें जातीय समीकरण का कितना ध्यान रखा गया है। ऐसे की सरकार के मंत्रियों के चयन में भी सामाजिक, क्षेत्रीय संतुलन की बात होती है। हर जाति…

टकराव की राजनीति बढ़ा रहे हैं केजरीवाल

September 13, 2026

आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल इन दिनों पूरी तरह से पंजाब की राजनीति में लगे हैं। वे रैलियां और चुनावी कार्यक्रम कर रहे हैं और साथ साथ टिकट बंटवारे से लेकर चुनावी रणनीति बनाने में भी लगे हैं। राघव चड्ढा और उनसे भी ज्यादा संदीप पाठक के पार्टी छोड़ने के बाद केजरीवाल पर…

धीरेंद्र शास्त्री ने भाजपा का नुकसान कर दिया

September 13, 2026

पश्चिम बंगाल में सरकार बनने के बाद बड़े धूमधड़ाके से बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री बंगाल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार थी तो उनको राज्य में नहीं आने दिया जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि अब सरकार बदल गई है और लोगों का मन बदलना चाहिए। सोचें, बंगाल में लोगों…

आर्थिक विकासः इतने बंटे हुए क्यों हैं अहसास!

September 13, 2026

लोग यह पूछने लगे हैं कि अगर तेज गति से आर्थिक वृद्धि दर्ज हो रही है, तो वह आम जिंदगी में महसूस क्यों नहीं हो रही है? आंकड़ों की साख का सवाल तो पुराना है, मगर ताजा बहस के क्रम में आम तजुर्बे के खिलाफ आए आंकड़ों पर सरल, लेकिन कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण सवाल उठाए…

logo