शान के साथ विदा

Categorized as संपादकीय

भारत के पदकों में सबसे ज्यादा योगदान एथलेटिक्स एवं पैरा-एथलेटिक्स का रहा, जिसमें 16 मेडल हासिल हुए। मगर, भारत की शान बढ़ाने का सबसे ज्यादा श्रेय बॉक्सरों को है, जिन्होंने सात स्वर्ण सहित 10 पदक जीते।

कॉमनवेल्थ गेम्स से भारतीय दल ने शान से विदाई ली है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 11 दिन के इस आयोजन के आरंभिक दिनों में पदक तालिका में पिछड़े रहने के कारण भारत में मायूसी छायी रही, लेकिन अंतिम दो दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने कहानी पलट दी। आखिरकार 13 स्वर्ण, 17 रजत, और 9 कांस्य पदकों सहित कुल 39 मेडल्स के साथ भारत चौथे नंबर आ पहुंचा। अधिक खुशी की बात यह है कि भारत के पदकों में सबसे ज्यादा योगदान एथलेटिक्स एवं पैरा-एथलेटिक्स का रहा, जिसमें तीन स्वर्ण सहित 16 मेडल हासिल हुए। मगर, भारत की शान बढ़ाने का सबसे ज्यादा श्रेय बॉक्सरों को है, जिन्होंने सात स्वर्ण सहित 10 पदक जीते।

इस सिलसिले में इस उल्लेख से नहीं बचा जा सकता कि सात स्वर्ण पदक विजेता बॉक्सरों में से पांच सिर्फ एक शहर यानी हरियाणा के भिवानी से आते हैं। उनमें भी चार महिला बॉक्सर हैं। इस सफलता को बेशक वहां बने खेल ढांचे और भिवाणी बॉक्सिंग क्लब के प्रमुख जगदीश सिंह की मेहनत का परिणाम माना जाएगा। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में निशानेबाजी, कुश्ती, टेबल टेनिस और बैडमिंटन जैसे कई ऐसे खेल शामिल नहीं हुए, जिनमें भारत की मजबूत उपस्थिति रहती है। दरअसल, यह आयोजन ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में होना था, जिसने ऐन वक्त पर कदम वापस खींच लिए। तब ग्लासगो में एक तरह से इसके आयोजन की रस्म-अदायगी की गई। इसलिए इस बार के गेम्स को ज्यादा वजन भी नहीं दिया गया है।

वैसे भी कॉमनवेल्थ गेम्स ओलिंपिक्स कैलेंडर का हिस्सा नहीं हैं, जिससे उन्हें ओलिंपिक्स या एशियाड जैसा महत्त्व नहीं दिया जाता। ब्रिटेन का रुतबा घटने के साथ-साथ कॉमनवेल्थ भी हाशिये पर पहुंच गया है। ऐसे में देश और खिलाड़ी इन खेलों को एक तरह से बड़े परिदृश्य के पूर्वाभ्यास के रूप में लेते हैं। इसे ध्यान में रखें, तो अगले 19 सितंबर से जापान के नागोया में होने जा रहे एशियन गेम्स के मद्देनजर ग्लासगो में भारतीय दल के प्रदर्शन को आशाजनक माना जाएगा। एशियाड में अधिक कड़ी प्रतिस्पर्धा में भी क्या देश की आशाओं पर भारतीय खिलाड़ी खरे उतरेंगे, इसे देखने पर सबकी नजरें रहेंगी।


Previous News

More News

यूपी कांग्रेस में कुछ और बदलेगा क्या?

August 4, 2026

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने राज्य के प्रभारी अविनाश पांडे को हटा दिया। उनकी जगह दलित समुदाय से आने वाले और आम आदमी पार्टी से कांग्रेस में आए राजेंद्र पाल गौतम को प्रदेश का प्रभारी बनाया गया। वे थोड़े दिन पहले बिना बुलाई औऱ बिना समय लिए बसपा…

केसीआर की पार्टी भी परिसीमन का समर्थन करेगी

August 4, 2026

केंद्र सरकार महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए बने नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन और परिसीमन का बिल लाने वाली है। इस बिल के लिए दो तिहाई समर्थन का बंदोबस्त किया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सांसदों के टूट जाने के बाद सरकार के संसदीय प्रबंधक इसे मुश्किल नहीं…

पंजाब में अचानक बढ़े प्रदर्शन

August 4, 2026

पंजाब में अगले साल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ ही विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। दो अन्य राज्यों गोवा और मणिपुर में भी साथ ही चुनाव होंगे। इन चुनावों से पहले कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का प्रदर्शन और देश भर में छात्रों व युवाओं की नाराजगी दिखी है। यह भाजपा के लिए…

बसपा खत्म हो गई, ड्रामे खत्म नहीं हो रहे

August 4, 2026

बहुजन समाज पार्टी खत्म होने की कगार पर है। उसका वोट आधार सिमट कर 10 फीसदी के आसपास आ गया है। उसके पास लोकसभा में कोई सांसद नहीं है और राज्य की विधानसभा में सिर्फ एक विधायक हैं और वह भी अपने दम पर जीते हुए। राज्यसभा में एक रामजी गौतम हैं, जो रिटायर हो…

शान के साथ विदा

August 4, 2026

भारत के पदकों में सबसे ज्यादा योगदान एथलेटिक्स एवं पैरा-एथलेटिक्स का रहा, जिसमें 16 मेडल हासिल हुए। मगर, भारत की शान बढ़ाने का सबसे ज्यादा श्रेय बॉक्सरों को है, जिन्होंने सात स्वर्ण सहित 10 पदक जीते। कॉमनवेल्थ गेम्स से भारतीय दल ने शान से विदाई ली है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 11 दिन के इस…

logo