बाजार भी छीना

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डील के मुताबिक अमेरिका से आयातित कपास से जो वस्त्र बांग्लादेश में बनेगा, उस पर अमेरिका में शून्य आयात शुल्क लगेगा। इस तरह बांग्लादेश के उत्पादक अब भारतीय कपास के बजाय अमेरिकी कपास खरीदने के लिए प्रेरित होंगे।

भारत में सरकार समर्थक लोग अभी ये जश्न मना ही रहे हैं कि ट्रेड डील के बाद भारत के वस्त्र जैसे श्रम-केंद्रित उद्योगों के उत्पादों को अमेरिकी बाजार में अनुकूल स्थितियां मिलेंगी, डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन ने बांग्लादेश को भारत के बड़े प्रतिस्पर्धी के रूप में खड़ा कर दिया है। अमेरिका से हुए ट्रेड डील के बाद बांग्लेदश के उत्पादों पर अब अमेरिका में 37 के बजाय 19 फीसदी टैरिफ ही लगेगा। वैसे टैरिफ के मामले में भारतीय उत्पादों को फिर भी एक फीसदी का लाभ है, लेकिन भारत को असल नुकसान डील के एक दूसरे प्रावधान से होगा। उसके मुताबिक अमेरिका से आयातित कपास से जो वस्त्र बांग्लादेश में बनेगा, उस पर शून्य आयात शुल्क लगेगा।

इस तरह बांग्लादेश के उत्पादक अब भारतीय कपास के बजाय अमेरिकी कपास खरीदने के लिए प्रेरित होंगे। इससे भारतीय कपास उत्पादकों का एक अहम बाजार छिन जाएगा। कुल मिलाकर डील में ऐसे प्रावधान हैं, जिससे बांग्लादेशी उत्पादक 70 फीसदी तक अमेरिकी इनपुट का इस्तेमाल कर सकेंगे। यानी डील से दोनों पक्षों को लाभ होगा। बांग्लादेश से अमेरिका को होने वाले निर्यात में 95 फीसदी हिस्सा कपड़े का रहा है। अतः ये डील बांग्लादेश के लिए संजीवनी बन कर आया है। भारत से टैरिफ में जो एक फीसदी अंतर है, उसे अमेरिकी आयातक और बांग्लादेशी उत्पादक आसानी से आपस में एडजस्ट कर सकेंगे।

इस तरह अमेरिकी बाजार में भारतीय वस्त्र उत्पादकों के लिए बांग्लादेश मजबूत प्रतिस्पर्धी बन जाएगा। बांग्लादेश ने अमेरिका से गेहूं, सोयाबीन, मक्का, मोटर पाट-पुर्जे, मेडिकल उपकरण और विमान खरीदने का वादा भी किया है। लेकिन डील में भारत जैसी पांच साल में 500 बिलियन डॉलर की खरीदारी की कोई शर्त शामिल नहीं की गई है। तो बांग्लादेश कितनी खरीदारी करेगा, यह उसकी जरूरतों से तय होगा। यानी बांग्लादेश भारत की तुलना में अमेरिका से अपने लिए अधिक अनुकूल व्यापार समझौता करने में सफल रहा है। दूसरी तरफ इस डील का सर्वाधिक दुष्प्रभाव संभवतः भारत पर ही पड़ेगा, क्योंकि अब तक बांग्लादेश भारत के गेहूं, सोयाबीन, मक्का, मोटर पाट-पुर्जे, और मेडिकल उपकरण का भी बड़ा खरीदार रहा है।  स्पष्टतः ये डील भारत पर दोहरी मार है।


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