दांव उलटा पड़ा है

Categorized as संपादकीय

यह पहले से जाहिर था कि पौने तीन साल से जारी हिंसा और सामुदायिक अविश्वास के बुनियादी कारणों को हल किए बगैर मणिपुर में नई सरकार के गठन का उलटा नतीजा होगा। फिर भी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने यह दांव खेला।

कुकी-जो समुदाय के विधायक को उप-मुख्यमंत्री का पद देते हुए मणिपुर में नई सरकार बनाने का भारतीय जनता पार्टी का दांव उलटा पड़ा है। संकेत पहले से थे कि कुकी-जो समुदाय के विरोध को नजरअंदाज करते हुए नई सरकार बनाने की जिद से राज्य में हालात और बिगड़ सकते हैं। जाहिर था कि पौने तीन साल से जारी हिंसा और सामुदायिक अविश्वास के बुनियादी कारणों को हल किए बगैर सामान्य ढंग से प्रशासन चलाने की कोशिश उलटा नतीजा देगी। फिर भी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने यह दांव खेला। यह सोचा गया कि कुकी-जो विधायकों को नई सरकार में ऊंचा पद देने से उस समुदाय का असंतोष दूर हो जाएगा।

मगर नए मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की सरकार के शपथ ग्रहण के साथ ही कुकी-जो इलाकों में भड़के व्यापक विरोध ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। खेमचंद सरकार में शामिल हुए तीनों कुकी-जो विधायकों का उनके इलाके में सामाजिक बहिष्कार हो रहा है। मई 2023 में मणिपुर हाई कोर्ट के एक फैसले से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा शुरू हुई, जो बार-बार भड़कती रही है। कोर्ट ने मैतेई समुदाय को अनुसूचित जन-जाति का दर्जा देने पर विचार करने का आदेश सरकार को दिया था। वह मसला बरकरार है। इस बीच सामुदायिक दुराव बढ़ता गया। इन्हीं हालात में कुकी-जो समुदाय ने अपनी बहुसंख्या वाले इलाकों के लिए केंद्र शासित प्रदेश के दर्जे की मांग की।

कुकी-जो संगठनों का कहना है कि उस तरह की कोई व्यवस्था हुए बिना राज्य में नई सरकार बनाना उन्हें ठेंगा दिखाने जैसा है। दूसरी तरफ राज्य में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय मणिपुर के मौजूदा ढांचे में किसी बदलाव के खिलाफ है। ऐसे में केंद्र पर जिम्मेदारी है कि वह सहमति के ऐसे बिंदु तलाशे, जहां दोनों समुदाय मिल सकें। मगर ऐसी किसी कोशिश का संकेत नहीं है। ऊपर से बिना नया चुनाव कराए चार साल पुराने जनादेश के आधार पर नई सरकार का गठन करने का फैसला किया गया। नतीजा नई अशांति है। इसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। बेहतर होगा, केंद्र अपने नजरिए में सुधार करे। वरना, मणिपुर का जख्म पसरता ही जाएगा।


Previous News Next News

More News

प्रहलाद जोशी के जरिए बड़ा संदेश

July 29, 2026

ऐसी चर्चा थी कि धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देंगे तो डॉक्टर जितेंद्र सिंह को उनकी जगह शिक्षा का प्रभार दिया जाएगा। यह अंदाजा इस बात से लगाया जा रहा था कि कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान वे सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। प्रधानमंत्री आवास के सामने राहुल गांधी के…

अब ई-20 पार्टी बन कर तैयार है

July 29, 2026

सरकार अभी कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से मिले जख्मों को सहला ही रही है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी ई-20 पेट्रोल के खिलाफ आंदोलन की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ई-20 पार्टी का गठन हो गया है। इस पार्टी को सोशल मीडिया में पर्याप्त समर्थन भी मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी…

क्या दिपके राजनीतिक पार्टी बनाएंगे?

July 29, 2026

अभिजीत दिपके और उनके नजदीकी लोग जैसे आशुतोष रांका और सौरव दास दावा कर रहे हैं कि अभी राजनीतिक पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है और न चुनाव लड़ना है। लेकिन असल में दिपके और उनकी टीम राजनीतिक दल बनाएंगे। ध्यान रहे भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के समय इंडिया अगेंस्ट करप्शन के लोग खास कर…

पीके से पूरा एनडीए लड़ रहा है

July 29, 2026

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव भाजपा के लिए दुःस्वप्न साबित हो रहा है। भाजपा के कई नेता कह रहे हैं कि नितिन नबीन को सीट से इस्तीफा नहीं देना चाहिए थे। गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के बाद वे राज्यसभा चले गए और उन्होंने बांकीपुर सीट से इस्तीफा दे दिया। इसकी वजह…

कॉकरोच: एक शब्द का बल

July 29, 2026

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने दिया था। उन के शब्दों ने हिटलर के सामने पस्त हो रहे इंग्लैंड को बल दिया। इस हद तक कि कई यूरोपीय देशों को टिके रह कर लड़ने का हौसला मिला।…. चर्चिल ने अंग्रेजी भाषा को बुलाया और उसे युद्धभूमि में उतार दिया।” आज कम…

logo