अब बेलगाम परमाणु होड़

Categorized as संपादकीय

परमाणु अस्त्रों की होड़ से बचने के लिए संधि की शुरुआत 1970 के दशक से हुई। तब से हमेशा किसी ना किसी संधि का अस्तित्व रहा। मगर अब ऐसा नहीं है। इससे परमाणु हथियारों और मिसाइलों की नई होड़ का रास्ता साफ हो गया है।

पांच दशक में ऐसी स्थिति पहली बार आई है, जब दुनिया में परमाणु युद्ध का खतरा टालने की किसी संधि का अस्तित्व नहीं है। चार फरवरी को अमेरिका और रूस के बीच मौजूद न्यू स्टार्ट (स्ट्रेटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी) की अवधि समाप्त हो गई। रूस ने अमेरिका से नई संधि होने तक न्यू स्टार्ट की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने उसे नजरअंदाज कर दिया। इस तरह अमेरिका और रूस अब असीमित संख्या में परमाणु हथियारों की तैनाती के लिए स्वतंत्र हैं। 2010 में हुई न्यू स्टार्ट के तहत दोनों देशों ने अधिकतम 1550 परमाणु अस्त्रों की तैनाती की सीमा तय की थी।

साथ ही प्रावधान था कि दोनों देश एक दूसरे की तैनाती के ठिकानों या अन्य परमाणु ठिकानों का निरीक्षण कर सकेंगे। इसके तहत अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों और पनडुब्बी से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों की तैनाती की संख्या भी तय थी। परमाणु अस्त्रों की होड़ से बचने के लिए संधि की शुरुआत 1970 के दशक से हुई। तब से हमेशा किसी ना किसी संधि का अस्तित्व रहा। मगर अब ऐसा नहीं है। इससे परमाणु हथियारों और मिसाइलों की नई होड़ का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिका की दलील है कि चीन उसके लिए खतरा बन कर उभर रहा है, जो उपरोक्त संधि में शामिल नहीं था। चीन का कहना है कि उसके पास मौजूद परमाणु हथियार अमेरिका और रूस से बहुत कम हैं, इसलिए उसे इस विवाद में नहीं घसीटा जाना चाहिए।

एक आकलन के मुताबिक अमेरिका के पास कुल 3,700, रूस के पास 4,309 और चीन के पास लगभग 600 परमाणु हथियार हैं। इस बीच ट्रंप प्रशासन ने गोल्डेन डोम परियोजना पर काम शुरू किया है। यह मिसाइल रक्षा कार्यक्रम है। रूस और चीन का कहना है कि इसका निर्माण होने के बाद सामरिक समीकरण बदल जाएंगे। उसे देखते हुए उन्हें अपने परमाणु अस्त्रागार और मजबूत करने होंगे। दलील यह भी है कि गोल्डेन डोम न्यू स्टार्ट की भावना का उल्लंघन है। इस तरह सभी महाशक्तियों ने तर्क ढूंढ लिए हैँ, जिसके परिणास्वरूप दुनिया पर परमाणु विनाश का खतरा और सघन हो गया है।


Previous News Next News

More News

भारत तेल भंडार की चिंता में

March 4, 2026

नई दिल्ली। भारत के पास कच्चे तेल का भंडार कम हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास सिर्फ 25 दिन के कच्चे तेल और रिफाइंड का भंडार है। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले के बाद तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। गौरतलब है कि भारत की जरुरत का करीब 40…

ट्रंप ने दांवा किया ईरान बातचीत चाहता है

March 4, 2026

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के चौथे दिन मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है लेकिन अब बहुत देर हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की वायु और नौसैनिक क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई…

ईरान में आठ सौ लोगों की मौत

March 4, 2026

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले में पिछले चार दिन में करीब आठ सौ लोगों की मौत हो चुकी है। पहले दिन हुए हमले में एक स्कूल में करीब डेढ़ सौ छात्राओं की मौत हो गई थी। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुआ।…

पटरी पर लौटा रिश्ता

March 4, 2026

मार्क कार्नी की सोच है कि जब बड़ी ताकतें अंतरराष्ट्रीय व्यवहार के कायदों को ठोकर मार रही हैं, मध्यम दर्जे की ताकतों को आपस में मिलकर अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए। भारत यात्रा में उनकी ये सोच प्रतिबिंबित हुई। मार्क कार्नी की भारत यात्रा का सार है कि नए हालात के बीच भारत और…

खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी शुरू

March 4, 2026

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल की जंग के कारण खाड़ी के अलग अलग देशों में फंसे भारतीयों की वापसी शुरू हो गई है। खाड़ी देशों में विमानों की सीमित सेवा शुरू हो गई है। मंगलवार को सात उड़ानें भारत पहुंचीं, जिनमें करीब 21 सौ भारतीय नागरिक वापस लौटे। इन्हें विशेष उड़ानों से लाया…

logo