मतलब तो सध गया!

Categorized as संपादकीय

महाराष्ट्र की बहुचर्चित मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना के तहत 12,431 पुरुषों को 13 महीनों तक तय रकम दी गई। साथ ही 77,980 ऐसी महिलाओं को भी इसका लाभ मिला, जो तय शर्तों के मुताबिक लाभ पाने के योग्य नहीं थीं।

सियासी पार्टियां ‘वोट खरीदने’ के लिए सार्वजनिक धन का कैसा दुरुपयोग कर रही हैं, इसकी ताजा मिसाल महाराष्ट्र से सामने आई है। आरटीआई अर्जी से जाहिर हुआ है कि वहां की बहुचर्चित मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना के तहत 12,431 पुरुषों को 13 महीनों तक तय रकम दी गई। साथ ही 77,980 ऐसी महिलाओं को भी इसका लाभ मिला, जो तय शर्तों के मुताबिक लाभ पाने के योग्य नहीं थीं। इस तरह पुरुषों को 24.24 करोड़ रुपये और अयोग्य महिलाओं को 140.28 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। 13 महीनों के बाद सरकार को पता चला कि इतनी बड़ी रकम अयोग्य खातों में गई है।

यानी तकरीबन 165 करोड़ रुपयों की बर्बादी के बाद ऐसे व्यक्तियों के नाम लाभान्वितों की सूची नाम हटाए गए। ऐसा क्यों हुआ, उसके लिए कौन दोषी है, इस बारे में कोई जांच-पड़ताल हुई या नहीं, इस बारे में अभी जानकारी नहीं है। बहरहाल, सरकार इस घोटाले को लेकर लापरवाह हो, तो इस बात को समझा जा सकता है। राज्य की एनडीए सरकार ने लड़की बहिन योजना विशुद्ध रूप से विधानसभा चुनाव में ‘वोट खरीदी’ के लिए लागू की थी। पिछले साल लोकसभा चुनाव में राज्य में एनडीए की बुरी हार हुई, तो सत्ता पक्ष ने विधानसभा चुनाव जीतने के लिए जो विवादास्पद फैसले लिए, उनमें इस योजना की शुरुआत भी थी।

योजना के तहत फिलहाल 2.41 करोड़ महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं। इस पर राजकोष से हर महीने 3,700 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। सरकार के अंदर यह सोच हो सकती है कि इतनी योजना में 165 करोड़ रुपयों की बर्बादी हो भी गई, तो यह कोई बड़ा मामला नहीं है! चूंकि योजना जल्दबाजी में शुरू हुई, तो लाभान्वितों की पूरी पड़ताल का वक्त नहीं था। मकसद चुनाव जीतना था, जिसमें सत्ता पक्ष सफल रहा। इसलिए जांच की खानपूरी करके आगे बढ़ा जा सकता है! दरअसल, यह ‘पैसा दो, वोट लो’ का मॉडल है, जिसे धीरे-धीरे देश भर में अपनाया जा रहा है। फिलहाल, इसकी मिसाल बिहार में देखने को मिली है। मगर ऐसा देश के बुनियादी विकास की कीमत पर हो रहा है।


Previous News Next News

More News

ईरान युद्ध का लक्ष्य कैसे हासिल होगा?

March 4, 2026

पुरानी कहावत है कि ‘चुनाव से पहले, युद्ध के दौरान और शिकार के बाद सबसे ज्यादा झूठ बोले जाते हैं’। सो, ईरान में युद्ध चल रहा है और झूठ की चौतरफा बौछार हो रही है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि युद्ध अमेरिका ने शुरू नहीं किया…

भारत तेल भंडार की चिंता में

March 4, 2026

नई दिल्ली। भारत के पास कच्चे तेल का भंडार कम हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास सिर्फ 25 दिन के कच्चे तेल और रिफाइंड का भंडार है। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले के बाद तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। गौरतलब है कि भारत की जरुरत का करीब 40…

ट्रंप ने दांवा किया ईरान बातचीत चाहता है

March 4, 2026

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के चौथे दिन मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है लेकिन अब बहुत देर हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की वायु और नौसैनिक क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई…

ईरान में आठ सौ लोगों की मौत

March 4, 2026

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले में पिछले चार दिन में करीब आठ सौ लोगों की मौत हो चुकी है। पहले दिन हुए हमले में एक स्कूल में करीब डेढ़ सौ छात्राओं की मौत हो गई थी। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुआ।…

पटरी पर लौटा रिश्ता

March 4, 2026

मार्क कार्नी की सोच है कि जब बड़ी ताकतें अंतरराष्ट्रीय व्यवहार के कायदों को ठोकर मार रही हैं, मध्यम दर्जे की ताकतों को आपस में मिलकर अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए। भारत यात्रा में उनकी ये सोच प्रतिबिंबित हुई। मार्क कार्नी की भारत यात्रा का सार है कि नए हालात के बीच भारत और…

logo