चमकता सोना और डूबता डॉलर

2026 के पहले चार हफ्तों में सोने की कीमत में 17 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ। सोने और चांदी के भाव में अभूतपूर्व उछाल असल में विश्व अर्थव्यवस्था में युगांतकारी परिवर्तन का सूचक है। यह कोई फौरी समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे इस समय हो रहा ढांचागत बदलाव है। इस बदलाव के बाद… Continue reading चमकता सोना और डूबता डॉलर

आत्मसंघर्ष का फ़साना: ‘तस्करी: द स्मगलर्स वेब’

‘तस्करी: द स्मगलर्स वेब’ सिर्फ एक क्लासिक क्राइम-थ्रिलर नहीं है। यह एक बौद्धिक और नैतिक जांच का मंच भी है जो यह बताती है कि कानून, नैतिकता, संस्थान और कार्रवाई कैसे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। यह उन कहानियों की श्रेणी में आती है जो सिर्फ मनोरंजन ही नहीं देतीं, बल्कि सोचने के लिए… Continue reading आत्मसंघर्ष का फ़साना: ‘तस्करी: द स्मगलर्स वेब’

सड़ांध में तब्दील हो रही आचरण संहिता

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने क्या किया? उन्होंने राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण की सिर्फ़ तीन पंक्तियां पढ़ीं और बाकी के 11 पैराग्राफ पढ़ने से इनकार करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। राज्यपालों के भाषण के वक़्त सदन के सदस्यों का बहिर्गमन तो देखा था, लेकिन इस बार हम ने राज्यपाल… Continue reading सड़ांध में तब्दील हो रही आचरण संहिता

नोएडा में युवा टेकी की मौत का कौन जिम्मेदार?

दिल्ली में कोचिंग सेंटर बेसमेंट डूबने की घटना की तरह, यहां भी सख्त कार्रवाई से भविष्य की त्रासदियां रोकी जा सकती हैं। अदालतों का हस्तक्षेप जवाबदेही सुनिश्चित करेगा और आम आदमी का विश्वास बहाल करेगा।…प्रारंभिक निष्कर्ष बताते हैं कि रोड सेफ्टी, ड्रेनेज, डिजास्टर रिस्पॉन्स और कमांड कंट्रोल में विफलताएं थीं। एसआईटी की रिपोर्ट संभवत: प्रशासनिक… Continue reading नोएडा में युवा टेकी की मौत का कौन जिम्मेदार?

यूरोपी संघ से पटरी दूरदृष्टि या परिस्थितिजन्य मोड़?

भारत की कूटनीति अब भी व्यक्तित्व-केंद्रित और घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने वाली है; जबकि यूरोपीय संघ जैसे जटिल साझेदार के लिए संस्थागत धैर्य और निरंतरता चाहिए। ईयू से बातचीत द्विपक्षीय सौदे से आगे की चीज़ है—सत्ताईस देश, यूरोपीय आयोग और एक सघन नियामक ढाँचा इसमें शामिल है। कूटनीति में समय का अपना वजन होता है।… Continue reading यूरोपी संघ से पटरी दूरदृष्टि या परिस्थितिजन्य मोड़?

स्वंतत्रता जुझारू अमर महाराणा प्रताप

हल्दीघाटी का युद्ध परीक्षा का युद्ध था, वहीं दिवेर-छापली का युद्ध निर्णायक सिद्ध हुआ। इसी विजय से संपूर्ण मेवाड़ पर उनका अधिकार स्थापित हुआ। दिवेर में राजपूतों ने हल्दीघाटी का बदला चुकाया। इस विजय ने सिद्ध कर दिया कि महाराणा प्रताप का शौर्य और संकल्प अडिग था। इस संघर्ष को कर्नल जेम्स टॉड ने ‘मेवाड़… Continue reading स्वंतत्रता जुझारू अमर महाराणा प्रताप

हिन्दुओं का खुदा खैर करे!

लव-जिहाद मूल जिहाद का ही रूप है, चाहे इसे लव-जिहाद कहें या जबर-जिहाद। अतः जैसे भी हो — एक हिन्दू स्त्री घटना, और एक मुस्लिम स्त्री बढ़ना जिहाद का रुप है। शान्तिपूर्ण जिहाद के असंख्य रूपों में एक। याद रहे, इस्लाम केवल औपचारिक सिद्धांत नहीं। जिहाद और शरीयत के द्वारा उसे पक्के तौर पर लागू… Continue reading हिन्दुओं का खुदा खैर करे!

जनाब ओवैसी, कैथोलिक काऊंसिल से जाने सच्चाई

बिशप काउंसिल ने बाकायदा एक आयोग बनाकर इस मामले की पड़ताल करवाई। उस की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2005 से 2012 के बीच ही लव-जिहाद के लगभग चार हजार मामले हुए। केरल में ‘इस्लामिक पोपुलर फ्रंट’ की छात्र शाखा ‘कैंपस फ्रंट’ ने असंख्य क्रिश्चियन और हिन्दू लड़कियों को जाल में फँसा कर उन्हें मुसलमान बनाया… Continue reading जनाब ओवैसी, कैथोलिक काऊंसिल से जाने सच्चाई

बुजुर्गों की सेवा में ‘समय बैंक’

स्विट्जरलैंड में इस कार्यक्रम की शुरुआत बुजुर्गों की बढ़ती आबादी और उनकी देखभाल की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई थी। कार्यक्रम के अनुसार, स्वस्थ और संवाद करने में कुशल व्यक्ति बुजुर्गों की मदद करते हैं, जैसे खरीदारी करना, कमरा साफ करना, सूरज की रोशनी में बाहर ले जाना या बस बातचीत करना। प्रत्येक… Continue reading बुजुर्गों की सेवा में ‘समय बैंक’

भारत में ही सबसे पहले गणतंत्र था

बिहार का वैशाली (लिच्छवी गणराज्य) विश्व का पहला सफल गणतंत्र माना जाता है। जब यूनान में नगर-राज्यों की अवधारणा आकार ले रही थी, उससे बहुत पहले भारत में पूरी तरह विकसित गणतांत्रिक व्यवस्थाएँ मौजूद थीं।… ऋग्वेद में 40 बार और अथर्ववेद में 9 बार ‘गण’ शब्द का प्रयोग यह दर्शाता है कि हमारे पूर्वज संख्या-बल… Continue reading भारत में ही सबसे पहले गणतंत्र था

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