भारतीय आख्यान परंपरा बेजोड़

भारतीय संस्कृति के अनुसार मानव और देव दोनों परस्पर संबद्ध हैं। मनुष्य यज्ञों में देवों के लिए आहुति देता है, जो प्रसन्न होकर उसकी अभिलाषा पूर्ण करते हैं और अपने प्रसादों की वृष्टि उनके ऊपर निरंतर करते रहते हैं। इस प्रकार वैदिक आख्यानों से संबंधित अनेक आख्यानों का विकास उपनिषद, ब्राह्मण व आरण्यक ग्रंथों, रामायण,… Continue reading भारतीय आख्यान परंपरा बेजोड़

बिहार में हार, जीत पर सब निर्भर!

बिहार चुनाव मोदी जी के अस्तित्व का सवाल बन गया है। हारे तो खेल खत्म। उन पर चारों तरफ से हमले हो रहे हैं। 11 साल तक उनकी बातों, भाषण, कहानियों का दौर रहा। मगर अब सवाल उठने लगे हैं। उनकी छवि गिर रही है। उन्होंने अपना छवि निर्माण राष्ट्रवाद पर किया था। मगर वह… Continue reading बिहार में हार, जीत पर सब निर्भर!

आद्या शक्ति नहीं, भीरूता माता

 वही गाँधी स्वतंत्र भारत के ‘राष्ट्रपिता‘ हैं तो न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के भी पिता हैं। अतः हिन्दुओं को जब चाहे, बात-बेबात फटकारना, और मुस्लिमों का हर हाल में बचाव करना भारतीय शासक वर्ग का एक प्रकार का सिग्नेचर ट्यून रहा है।… बाल ठाकरे जैसे अपवादों को छोड़, सभी नेता जिहाद और उस के प्रेरक… Continue reading आद्या शक्ति नहीं, भीरूता माता

आँकड़े “पकाने” से फूला है जीडीपी गुब्बारा!

भारत ने 2015 से जीडीपी (GDP) के आँकड़े “पकाने” शुरू किए और लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर तक उन्हें फुला दिया। जबकि नोटबंदी एक आर्थिक आपदा थी। … 2019 में अरविंद सुब्रमणियन, जो भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं, ने कहा था कि 2015 में आँकड़ों की पद्धति बदलने से 2011–17 के बीच विकास… Continue reading आँकड़े “पकाने” से फूला है जीडीपी गुब्बारा!

स्वच्छ ऊर्जा बाजार में चीन का एकाधिकार बना!

पिछले 15 वर्षों में चीन ने बिजली उत्पादन में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है क्योंकि एआई जैसी उभरती तकनीकें बिजली पर निर्भर हैं। चीन का स्वच्छ ऊर्जा निवेश न केवल पर्यावरण ग्लोबल साउथ’ रिपोर्ट बताती है कि वैश्विक दक्षिण के 70 प्रतिशत सौर-पवन संसाधन चीन की रणनीति से जुड़ रहे… Continue reading स्वच्छ ऊर्जा बाजार में चीन का एकाधिकार बना!

अनंत रूपा और अनंत सामर्थ्य संपन्ना शक्ति

भारतीय संस्कृति ने प्रकृति को शक्ति माना और देवी की तरह पूजनीय स्थान दिया। यह शक्ति शाश्वत और सक्रिय है। वैदिक वचनों और संहिताओं में इसका उल्लेख है, और इसे ब्रह्म की गति और अभिव्यक्ति कहा गया है। यही परम सत्य है, जो ऋग्वेद से लेकर परमाणु की ऊर्जा तक विद्यमान है। मान्यता है कि… Continue reading अनंत रूपा और अनंत सामर्थ्य संपन्ना शक्ति

‘सामाजिक न्याय’ के पीछे मतांतरण का खेल

जातियों को वर्ण की अभिव्यक्ति से जोड़ना मूर्खता है। श्रीभगवद्गीता में श्रीकृष्ण, अर्जुन को संदेश देते हुए वर्ण को इस प्रकार परिभाषित करते हैं, ‘चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टं गुणकर्मविभागश:’ (4:13) अर्थात मेरे द्वारा गुण और कार्य के आधार पर चार वर्णों की रचना की गई है। सच यह है कि औपनिवेशिक और वामपंथी समूह जानबूझकर इस… Continue reading ‘सामाजिक न्याय’ के पीछे मतांतरण का खेल

ये जो अमेरिका का नजरिया है!

भारत का व्यापार वार्ता में आगे बढ़ना तब तक नामुमकिन है, जब तक भारत सरकार अपनी आबादी के एक बहुत बड़े हिस्से के हितों की बलि चढ़ाने और अपनी संप्रभुता पर समझौता करने के लिए राजी ना हो जाए। ट्रंप प्रशासन के सामने ऐसा कोई बुनियादी मुद्दा नहीं है, मगर टैरिफ और ट्रेड वॉर के… Continue reading ये जो अमेरिका का नजरिया है!

सिक्किम में भी मन रहा सेवा का पखवाड़ा

राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत घी के 75 दीये जला कर हुई। हजारों लोगों की मौजूदगी में सिक्किम की महान संस्कृति की झलक दिखाने वाले कार्यक्रम हुए और ‘स्वच्छता ही सेवा 2025’ का शुभारंभ हुआ।…..सिक्किम सरकार ने वास्तविक अर्थों में इस अवसर को सेवा और संकल्प का… Continue reading सिक्किम में भी मन रहा सेवा का पखवाड़ा

“द कॉन्ज्यूरिंगः लास्ट राइट्स”

‘द कॉन्ज्यूरिंग: लास्ट राइट्स’ एक साधारण हॉरर फिल्म नहीं है। यह डर और संवेदना का ऐसा मिश्रण है, जो दर्शक को केवल सिहरन नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव भी देकर जाता है। ये फ़िल्म ऐसे दर्शकों को अधूरी लग सकती है जिन्हें हॉरर फिल्मों में लगातार डरावने दृश्यों की उम्मीद रहती है।”द कॉन्ज्यूरिंगः लास्ट राइट्स”… Continue reading “द कॉन्ज्यूरिंगः लास्ट राइट्स”

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