इतिहास के सही पक्ष का तकाजा है जो भारत गुटनिरपेक्ष आत्मा के प्रति सच्चा रहते हुए संघर्षविराम की माँग करे, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के वारंट लागू करे और पुल बनाए—खंडहरों पर नहीं, बल्कि जवाबदेही पर। ग़ज़ा की खामोशी में, ग्लोबल साउथ अपने उस पुराने चैंपियन, निर्गुट भारत को पुकार रहा है। पर क्या भारत जवाब देगा?… Continue reading भारत नेतन्याहू की छाया में रहेगा या ग्लोबल साऊथ का झंडाबरदार बनेगा?
