राष्ट्र प्रथम का संघ उद्घोष

भारत के लिए यह बहुत ही शुभ स्थिति है कि राष्ट्र की सांस्कृतिक सत्ता के प्रतिनिधि संघ प्रमुख  मोहन भागवत और राजनीतिक सत्ता के प्रतिनिधि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के बीच इन समस्त विषयों पर सहमति है और साथ मिल कर राष्ट्र को प्रगति पथ पर ले जाने का संकल्प भी है। संघ प्रमुख ने ‘जेन… Continue reading राष्ट्र प्रथम का संघ उद्घोष

इजराइल की आजादी में था भारत का योगदान

इजराइली सरकार आज भी हाइफा, यरुशलम, रमल्लाह और ख्यात के समुद्री तटों पर बनी 900 भारतीय सैनिकों की समाधियों की देखरेख करती है। वर्ष 2017 के इजराइल दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाइफा में भारतीय सैनिकों को समर्पित स्मारकों का दौरा करते हुए पराक्रमी दलपत सिंह शेखावत की याद में एक पट्टिका का भी… Continue reading इजराइल की आजादी में था भारत का योगदान

गोल्ड कार्डः चीन है वित्तीय उलटफेर की तैयारी में!

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चीन दुनिया भर के देशों को इस बात के लिए प्रोत्साहित कर रहा है कि वे शंघाई गोल्ड एक्सचेंज के जरिए सोने की खरीद-बिक्री करें। योजना यह है कि अन्य देशों के सोने का भंडार चीन में बनाया जाए। एक रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रयास पिछले कुछ महीनों में तेज किया… Continue reading गोल्ड कार्डः चीन है वित्तीय उलटफेर की तैयारी में!

झकझोरती है ’होमबाउंड’

नीरज घेवन की ‘होमबाउन्ड‘, लंबे अर्से बाद कोई ऐसी रियलिस्ट फ़िल्म आई है, जिसने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। सिनेमा ख़त्म होने के बाद भी इसका गहरा असर दर्शकों के दिलों दिमाग पर रहता है। पूरी फ़िल्म में कथार्सिस के ऐसे ढेर सारे मोमेंट्स हैं जो दर्शकों को उनके ‘की फ़र्क़ पैंदा‘ की… Continue reading झकझोरती है ’होमबाउंड’

दशहरे पर हुई भागवत कथा का मूल संदेश

आरएसएस के शतायु होने पर व्यक्त किए गए भागवत जी के उद्गारों का मोशा-अनुचर जितना चाहें महिमामंडन करें, वे अगर वाचिक-लिखित इबारतों के महीन धागों को पढ़ने की ज़रा-सी भी सूक्ष्म ज़हनीयत रखते तो समझ जाते कि भागवत दरअसल कह क्या रहे हैं? नरेंद्र भाई के मजबूरन समर्पण से भागवत अगर ज़रा-सा भी पसीजे होते… Continue reading दशहरे पर हुई भागवत कथा का मूल संदेश

दशहराः दस प्रकार के पापों को त्यागने का पर्व

व्यक्ति और समाज के रक्त में वीरता प्रकट हो इसलिए दशहरे का उत्सव रखा गया है। दशहरा का पर्व दस प्रकार के पापों- काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी के परित्याग की सद्प्रेरणा प्रदान करता है। इस प्रकार दशहरा का पर्व दस इन्द्रियों पर विजय, असत्य पर सत्य की विजय,… Continue reading दशहराः दस प्रकार के पापों को त्यागने का पर्व

संघ के सौ साल में हासिल है मोदी के 11 साल!

सौ साल का संघ खुद को शक्तिशाली समझ सकता है। मगर बाहर की बात तो अलग है। खुद जिसे वह परिवार कहता है उसमें मोदी के सामने तो वह कमजोर साबित हो ही गया है। सरसंघचालक मोहन भागवत को 75 साल में रिटायर होने की बात कह कर बदलना पड़ा। केवल सांप्रदायिकता बढ़ाने के मामले… Continue reading संघ के सौ साल में हासिल है मोदी के 11 साल!

एसआईआर के कई सवाल अब भी अनसुलझे

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। चुनाव आयोग ने अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है, जिसमें करीब सात करोड़ 42 लाख मतदाताओं के नाम हैं। एसआईआर शुरू होने से पहले बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या सात करोड़ 89 लाख थी, जो अब घट… Continue reading एसआईआर के कई सवाल अब भी अनसुलझे

सभी सिद्धि देने वाली सिद्धिदात्री

मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व- ये आठ सिद्धियां होती हैं। ये सभी सिद्धियां इनसे ही उत्पन्न हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण के श्रीकृष्ण जन्म खंड में यह संख्या अठारह बताई गई है। लोक मान्यता है कि माता सिद्धिदात्री संसार की इन सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाली… Continue reading सभी सिद्धि देने वाली सिद्धिदात्री

लोकतंत्र के अलौकिक नेता

लोकतंत्र भी एक अल्पतंत्रीय शासन है जो लोगों को चार या पाँच साल में एक बार, केवल यह तय करने देता है कि वह किस के हाथों बेवकूफ बनना चाहता है? इस के अलावा सारी बातें, गिनती के लोग तय करते हैं, जो स्वयं तरह-तरह की लफ्फाजी और चुनावी तिकड़मों के सिवा शायद ही अन्य… Continue reading लोकतंत्र के अलौकिक नेता

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