आखिर अफगानिस्तान और पाकिस्तान में क्यों ठनी?

संकट पाकिस्तान के डीएनए में छिपा है। अपने पिछले लेखों में मैंने स्पष्ट किया था कि पाकिस्तान न तो सचमुच कोई इस्लामी देश है और न ही उसका भारतीय उपमहाद्वीप के मुसलमानों से कोई सरोकार। पश्चिमी शक्तियों ने उसे अपनी राजनीतिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया था और वह आज भी उसी भूमिका… Continue reading आखिर अफगानिस्तान और पाकिस्तान में क्यों ठनी?

“वन बैटल आफ़्टर अनदर”

फ़िल्म की कहानी एक पूर्व क्रांतिकारी, बॉब (लियोनार्डो डिकैप्रियो), की है जो अपनी बेटी विला (चेस इंफिनिटी) की तलाश में एक खतरनाक यात्रा पर निकलता है। फिल्म की पटकथा और निर्देशन में एंडरसन ने राजनीतिक विद्रोह, परिवारिक संबंधों और व्यक्तिगत संघर्षों को बखूबी प्रस्तुत किया है। इसमें हास्य और गंभीरता का संतुलन अद्वितीय है, जो… Continue reading “वन बैटल आफ़्टर अनदर”

स्वास्थ्य के देवता धन्वंतरि

पौराणिक मान्यतानुसार धनतेरस को स्वास्थ्य के देवता का दिवस माने जाने के कारण आरोग्य, स्वास्थ्य, आयु और तेज के आराध्य देवता भगवान धन्वंतरि से धनतेरस के दिन ॐ धन्वंतरये नमः आदि मन्त्रों से प्रार्थना किये जाने की पौराणिक परिपाटी है। इस दिन समस्त जगत को निरोग कर मानव समाज को दीर्घायुष्य प्रदान करने की विनती… Continue reading स्वास्थ्य के देवता धन्वंतरि

इसलिए बिहार ज़रूरी है नरेंद्र भाई के लिए

2026 में होने वाले पांच प्रदेशों के चुनाव नतीजों का 2027 में होने वाले छह राज्यों पर इसलिए चक्रवृद्धि ब्याज जैसा असर पड़ेगा कि तब फरवरी के मध्य से साल के अंत तक गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोआ में चुनाव होंगे। दिसंबर में गुजरात के चुनाव आने से पहले साल की पहली… Continue reading इसलिए बिहार ज़रूरी है नरेंद्र भाई के लिए

संपत्ति विरासत के विवाद आम है!

भारत में संपत्ति विरासत के मुख्यतः दो आधार होते हैं। वसीयतनामा (विल) और उत्तराधिकार कानून (सक्सेशन लॉ)। यदि किसी व्यक्ति ने वैध वसीयत बनाई है, तब संपत्ति उसी के अनुसार बांटी जाती है। अगर वसीयत में कोई गड़बड़ी या विवाद है, या अगर वसीयत ही नहीं है, तो 1925 का इंडियन सक्सेशन एक्ट लागू होता… Continue reading संपत्ति विरासत के विवाद आम है!

हिना: “उस से जब राम राम होती है !”

बीजेपी की यही सफलता ! पुलिस प्रशासन में भी धर्म जाति के आधार पर भेद कर दिया ! कर्नल सोफिया कुरैशी सेना की प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहीं थीं। कुछ भी उनके खिलाफ नहीं था। तो कोई सामान्य भक्त या ट्रोल नहीं एक मंत्री उनके खिलाफ आया। सीधे पाकिस्तान से संबंध जोड़ने। नहीं… Continue reading हिना: “उस से जब राम राम होती है !”

ओवैसी की मोदी-मुहम्मद तुलना

ओवैसी ने अभी 6 अक्तूबर को बहादुरगंज की एक सभा में पूछा: “अगर हम ‘आई लव मुहम्मद’ का पोस्टर लेकर चलें तो उसमें अवैध क्या है?” इस का उत्तर‌ है कि तसलीमा का कथन “जब तक इस्लाम रहेगा, आतंकवाद रहेगा” का पोस्टर लेकर चलना भी उतना ही वैध है। यानी, मुहम्मद की आलोचना उतना ही… Continue reading ओवैसी की मोदी-मुहम्मद तुलना

वह गांव, जिसे समय ने भुला दिया

एक प्रधानमंत्री ने कभी दावा किया था कि उसने सौ मिलियन गरीबों के बैंक खाते खुलवाए हैं। मैंने उन खातों की पासबुकें देखीं। पहली एंट्री-जीरो। अगली—कुछ नहीं। दस साल बाद भी वे पासबुकें नीतियों के कब्रिस्तान की निशानियां हैं। एक घर में मुझे चौथी कक्षा का बच्चा मिला। वह एक अंकों का जोड़ कर लेता… Continue reading वह गांव, जिसे समय ने भुला दिया

कही दिल्ली पेयजल की प्यासी न हो जाए!

गौरतलब है कि अकबर की राजधानी फतेहपुर सीकरी पानी के अभाव के कारण मात्र 15 सालों में ही उजड़ गई थी।… दिल्ली का संकट केवल एक चेतावनी है। आने वाले वर्षों में संकट और बढ़ेगा।  विशेषज्ञों के मुताबिक़, यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 2030 तक देश के आधे बड़े शहर ‘जल-विहीन’ क्षेत्रों की… Continue reading कही दिल्ली पेयजल की प्यासी न हो जाए!

चिदंबरम के कहें का क्या है अर्थ?

दशकों तक स्वतंत्र भारत की विदेश नीति विदेशी विचारधारा से बंधी रही है। इसी वजह से भारत को बार-बार उन मुल्कों के आगे भी झुकना पड़ा, जो लंबे समय तक भारतीय हितों के खिलाफ खड़े थे। सालों तक भारत ने फिलिस्तीन और इस्लामी देशों का समर्थन किया, जबकि वह कश्मीर के मसले पर मजहब के… Continue reading चिदंबरम के कहें का क्या है अर्थ?

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