नई सुरक्षा रणनीति और ट्रंप के दिवास्वप्न

ट्रंप के अनुयायी और अर्जेंटीना के धुर-दक्षिणपंथी राष्ट्रपति हैवियर मिलेय ने कुछ समय पहले कहा था कि दुनिया आज एक अलग ढांचे की ओर बढ़ रही है, जिसमें अमेरिका, रूस और चीन के नेतृत्व में अलग-अलग गुट होंगे। ट्रंप समझते हैं कि उस विश्व व्यवस्था में संयुक्त राज्य का समूह अमेरिका महाद्वीप है। ट्रंप प्रशासन… Continue reading नई सुरक्षा रणनीति और ट्रंप के दिवास्वप्न

विपक्ष अपनी हार का खुद जिम्मेदार है

अब तक हजारों ईवीएम मशीनों के वोट का मिलान वीवीपैट की पर्चियों के साथ किया गया है और अपवाद के लिए भी एक गड़बड़ी नहीं मिली है। ये वीवीपैट मशीनें रैंडम चुनी जाती हैं और आज तक एक भी गड़बड़ी नहीं मिली है इसका मतलब है कि इससे मतदान सौ फीसदी सुरक्षित है। फिर भी… Continue reading विपक्ष अपनी हार का खुद जिम्मेदार है

मानव-मन की अदृश्य दरारें दर्शाता ‘धुरंधर’

फ़िल्म का सबसे बड़ा जोखिम उसका 214 मिनट का रनटाइम है। यह धैर्य मांगती है, और सामान्य दर्शक के लिए यह चुनौती है। कुछ सबप्लॉट्स, विशेषकर दूसरे हिस्से में, कहानी को भारपूर्ण बनाते हैं। कुछ दर्शकों को यह फिल्म अपने राजनीतिक स्वर में अत्यधिक स्पष्ट और कभी-कभी जिद्दी भी प्रतीत हो सकती है। आज के… Continue reading मानव-मन की अदृश्य दरारें दर्शाता ‘धुरंधर’

नरेंद्र भाई के पसारे बादलों को चीरते राहुल

आपने नरेंद्र भाई के विदेश भ्रमण पर कभी शोरशराबा नहीं सुना होगा। मगर राहुल सामान्य विमान सेवाओं की उड़ानों से भी कांग्रेस के कामकाज संबंधी या निजी विदेश यात्राएं कर लें तो हंगामा बरपने लगता है। अगर नरेंद्र भाई लोकसभा में 240 सदस्यों वाले राजनीतिक दल के नेता हैं तो राहुल की कांग्रेस के पास… Continue reading नरेंद्र भाई के पसारे बादलों को चीरते राहुल

प्रबंध के घमंड की वजह से इंडिगो संकट !

सवाल है जब डीजीसीए ने सभी ऑपरेटरों को नए नियमों का अनुपालन करने के लिए पर्याप्त समय दिया था, तो इंडिगो ने उन्हें नजरअंदाज करने व लापरवाही का रवैया क्यों अपनाया? इंडिगो का नए एफडीटीएल नियमों को नजरअंदाज करने का तरीका भी जेट एयरवेज की याद दिलाता है, जो इसी तरह के घमंड के चलते… Continue reading प्रबंध के घमंड की वजह से इंडिगो संकट !

एआई की दौड़ में भारत फिसड्डी है!

भारत की एआई दौड़ से बहिष्कृति एक गहरी संरचनात्मक विफलता की निशानी है—एक ऐसी तकनीकी खाई जिसे बिना क्रांतिकारी बदलाव के पाटना लगभग असंभव लगता है। सच्चाई यह है: भारत इस दौड़ में शामिल ही नहीं हो सकता। सेमीकंडक्टर और एआई जैसी नई मूलभूत तकनीकों में भारत छह पीढ़ियों से पिछड़ा हुआ है। हर साल… Continue reading एआई की दौड़ में भारत फिसड्डी है!

जरूरी है इस्लाम के ‘जिहाद’ और ‘जुल्म’ को जानना

जिहाद हिंसक और अहिंसक दोनों तरह का हो सकता है। परन्तु हिंसा, मौखिक और शारीरिक दोनों ही उस का प्रमुख औजार रहा है। बिना जिहाद और हिंसा के मुहम्मद पूरी तरह विफल रहते हुए गुजर गये होते। मुहम्मद का सब से बड़ा आविष्कार जिहाद था। यही बाद में, मदीना से उन के सफल होने का… Continue reading जरूरी है इस्लाम के ‘जिहाद’ और ‘जुल्म’ को जानना

भारत में मानवाधिकार की अवधारणा प्राचीन

वैदिक मतानुसार सभी मनुष्य जन्म से समान हैं और उनमें कोई श्रेष्ठ या निम्न नहीं है, जो आधुनिक मानवाधिकारों के गैर भेदभाव के सिद्धांत का आधार है। सभी मनुष्यों को एक दूसरे के प्रति दयालु और जिम्मेदार होने का उपदेश देता ऋग्वैदिक मंत्र मनुर्भव वर्तमान के मानवाधिकारों का मूल है। यजुर्वेद 36/18का मित्रस्य अर्थात मित्रता… Continue reading भारत में मानवाधिकार की अवधारणा प्राचीन

मौलाना मदनी का जुल्म

जमाते उलेमा के नेता मौलाना महमूद मदनी ने गत ३० नवंबर को भोपाल में एक सभा में कहा कि ‘इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद जैसी इस्लाम की पवित्र धारणा को दुर्व्यवहार, अव्यवस्था और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है। … कहीं पर कोई आतंकवादी घटना हो जाती है तो उसको जिहाद… Continue reading मौलाना मदनी का जुल्म

भारत के आंकड़ों के ‘सी ग्रेड’ में जाने की कहानी

भविष्य में जब इतिहास लिखा जाएगा, तो उसमें यह दर्ज होगा कि जो भारत में आत्म-साक्षात्कार का जो तरीका महालनोबिस की टीम ने बनाया, उसे अपनी फ़ौरी सियासी जरूरतों को पूरा करने के लिए किस तरह नरेंद्र मोदी सरकार ने लांछित कर दिया। इस सरकार और इसके समर्थकों को अभी शायद ये अहसास नहीं है… Continue reading भारत के आंकड़ों के ‘सी ग्रेड’ में जाने की कहानी

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