पटेल ने बनवाया था सोमनाथ मंदिर

जवाहरलाल के विरोध के बावजूद नवम्बर 1947 के मध्य में सरदार पटेल ने अपने प्रभास पाटन के दौरे के समय मंदिर का दर्शन किया। और एक सार्वजनिक सभा में घोषणा की कि नए साल के इस शुभ अवसर पर हमने फैसला किया है कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण करना चाहिए। सौराष्ट्र के लोगों को अपना सर्वश्रेष्ठ… Continue reading पटेल ने बनवाया था सोमनाथ मंदिर

बिहार में वादों की विश्वसनीयता पर वोट

तेजस्वी प्रण में बिहार की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी को एड्रेस किया गया है। हर घर में एक सरकारी नौकरी। बहुत बड़ा वादा है।… बिहार बेरोजगारी में भी देश में अव्वल है। प्रति व्यक्ति आय भी सबसे कम है और सबसे ज्यादा पलायन भी यहीं से होता है। इसलिए तेजस्वी का नौकरी का हर घर… Continue reading बिहार में वादों की विश्वसनीयता पर वोट

आर्थिक चाल बदली है तो नीति भी बदले!

भारत में अब खपत-आधारित विकास मॉडल उभर रहा है। पहले निवेश और बचत पर बल था; अब उपभोग और ऋण पर आधारित वृद्धि हो रही है।… उपभोक्ता कर्ज का फैलाव अब नई आर्थिक ताकत का संकेत बन चुका है। गांवों में भी अब डिजिटल लोन सहजता से मिल रहे हैं। पहले जहां साहूकार ऊंचे ब्याज… Continue reading आर्थिक चाल बदली है तो नीति भी बदले!

दत्तात्रेय भक्त सहस्त्रार्जुन

नर्मदा नदी के तट पर अवस्थित अपनी राजधानी माहिष्मति में उन्होंने लंकाधिपति रावण के अतिरिक्त नागों के राजा कार्कोटक नाग को भी हराकर बंदी बना रखा था। एक हज़ार हाथों की शक्ति होने की वरदान के कारण सहस्त्रार्जुन नाम से विख्यात माहिष्मती नरेश के पास एक हजार अक्षौहिणी सेनाएं भी थी। लेकिन परशुराम से उनकी… Continue reading दत्तात्रेय भक्त सहस्त्रार्जुन

बिहार: नया मोड़ या पुरानी राह?

बिहार के चुनाव में तीन पीढ़ियाँ और तीन दृष्टिकोण आमने-सामने हैं। नीतीश कुमार, जिनकी राजनीति स्थिरता और अनुभवी शासन का प्रतीक है। तेजस्वी यादव, जो परिवर्तन और युवा आकांक्षाओं के वाहक हैं। प्रशांत किशोर, जो मौजूदा राजनीति को बदलने की चुनौती दे रहे हैं। यह चुनाव यह तय करेगा कि बिहार पुरानी राजनीति की सीमाओं… Continue reading बिहार: नया मोड़ या पुरानी राह?

स्वच्छ यमुना से छठ व्रतियों में उमंग

पूर्वांचली समुदाय की सांस्कृतिक समृद्धि का पर्व छठ पर्व अब दिल्ली का पर्व हो चुका है, अब यमुना का पर्व हो चुका है। हर टेंपो, ऑटो, कार, गाड़ी में चलते चलते आपको छठ पर्व के भोजपुरी, मैथिली लोक धुन के गीत सुनाई पड़ जाएंगे. अब तो दिल्ली के घरों से भी ठेकुआ की सुगंध निकलती… Continue reading स्वच्छ यमुना से छठ व्रतियों में उमंग

भारत आत्मनिर्भरता की और है!

आज का भारत केवल बढ़ नहीं रहा, बल्कि शेष दुनिया को दिशा भी दे रहा है। यहां परंपरा और आधुनिकता का संगम है, जहां अर्थव्यवस्था केवल लाभ का नहीं, बल्कि लोककल्याण का माध्यम है। यह वही भारत है, जो अब दूसरों की शर्तों पर नहीं, बल्कि अपने हितों और स्वाभिमान के लिए दुनिया में पहचान… Continue reading भारत आत्मनिर्भरता की और है!

युवा विद्रोह में अब नया क्या है?

जेन-जी कोई नई परिघटना नहीं है। मगर पिछले एक सदी में जब कभी युवाओं ने ऐसे तेवर अपनाए, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंदर विकल्प होने का भरोसा उनमें बना रहता था। उदाहरण के तौर जेपी आंदोलन और असम आंदोलन से लेकर अन्ना आंदोलन तक पर गौर किया जा सकता है। मगर अब दुनिया के कई… Continue reading युवा विद्रोह में अब नया क्या है?

‘जंगल राज’ का नैरेटिव लौट आया

वास्तविकता है कि लालू प्रसाद के परिवार के साथ ‘जंगल राज’ की विरासत जुड़ी है। तेजस्वी यादव उसी विरासत के प्रतिनिधि हैं। कांग्रेस को पता था कि उनके नाम की घोषणा से लोगों की स्मृति में पुरानी सारी कहानियां फिर से जीवित हो जाएंगी। उन 15 वर्षों में कितने नरसंहार हुए, कितनी हत्याएं हुईं और… Continue reading ‘जंगल राज’ का नैरेटिव लौट आया

सर्व कल्याणकारी सूर्यदेव

पंचांग के अनुसार स्वच्छता, शुद्धता और पावनता की महत्ता से संबंधित चार दिवसीय कार्तिक छठ महोत्सव की शुरुआत 2025 में 25 अक्टूबर 2025 शनिवार को नहाय-खाय के साथ होगा। 26 अक्टूबर 2025 रविवार को विधि-विधान पूर्वक लोहंडा, खरना का आयोजन होगा। 27 अक्टूबर 2025 सोमवार को सूर्यास्तगामी भगवान सूर्य को संध्याकालीन अर्घ्य दिया जाएगा। डूबते… Continue reading सर्व कल्याणकारी सूर्यदेव

logo