मोदी-पुतिन की कूटनीति दुनिया ने देखी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के साथ भारत के संबंधों को ‘ध्रुव तारे की तरह अटल’ बताया। उन्होंने कहा कि 25 साल पहले राष्ट्रपति पुतिन ने ही साझेदारी की नई बुनियाद रखी थी और उसके बाद दुनिया के कितने संकट देखे, दोनों देशों ने कितने उतार चढ़ाव देखे फिर भी दोनों के संबंध स्थिर रहे।… Continue reading मोदी-पुतिन की कूटनीति दुनिया ने देखी

औपनिवेशिक मानसिकता का सच बड़ा है!

यूं तो प्रधानमंत्री मोदी ने मैकॉले मानसिकता की सही पहचान की है, लेकिन यह पूरा सच नहीं है। भारत का प्रभावशाली राजनीतिक, बौद्धिक और सामाजिक वर्ग सिर्फ मैकॉले ही नहीं, बल्कि कार्ल मार्क्स की विचारधारा से भी लंबे समय तक ग्रस्त रहा है। स्वतंत्रता के बाद से यह वैचारिक तंत्र— कभी साथ मिलकर, कभी अलग-अलग… Continue reading औपनिवेशिक मानसिकता का सच बड़ा है!

‘तेरे इश्क में’: एक मनोवैज्ञानिक विमर्श

फ़िल्म का मूल संघर्ष प्यार और ऑब्सेशन की वह महीन रेखा है, जिसे पार करते ही प्रेम विष में बदल जाता है।… इस फ़िल्म की कहानी में आधुनिक रिश्तों में इमोशन की एक दिलचस्प यात्रा है। तब प्यार किस तरह की कसौटी से गुज़रता है जब दो प्यार करने वालों के रिश्ते में इमोशनल बैगेज,… Continue reading ‘तेरे इश्क में’: एक मनोवैज्ञानिक विमर्श

प्रश्नों के अमरत्व पर नहीं है कोई प्रश्नचिह्न

संसद के चालू शीतकालीन सत्र में उठ रहे सवाल मामूली नहीं हैं। वे हमारे देश की मूलभूत परंपराओं की हिफ़ाज़त के लिए उपजे हैं। वे हमारे मुल्क़ के शाश्वत मूल्यों की रक्षा के लिए जन्मे हैं। वे हमारे जनतंत्र की बुनियाद को पोला बनाने की साज़िश के ख़िलाफ़ परचम लहरा रहे हैं। निर्वाचन प्रक्रिया की… Continue reading प्रश्नों के अमरत्व पर नहीं है कोई प्रश्नचिह्न

अब हवाई यात्रा भी आफत!

इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी भारतीय एयरलाइनों को, जो कि A320 पर निर्भर हैं, इस संकट से सबक लेना चाहिए। लागत कम करने के चक्कर में सुरक्षा से कोई भी समझौता नहीं करना चाहिए। एयरलाइनों को विविधीकरण अपनाना चाहिए, केवल एक निर्माता पर निर्भर न रहें। हवाई यात्रा ने आधुनिक युग में दुनिया को गांव बनाया… Continue reading अब हवाई यात्रा भी आफत!

मैकाले के इंजिन को ही मोदीजी चला रहे!

भारत की एकमात्र “अनलूटेबल” संपत्ति वह पतली परत है—अंग्रेज़ी-फ्लुएंट, विश्लेषणात्मक रूप से प्रशिक्षित दिमाग़ों की—जिसे मैकाले ने जन्म दिया था। बाकी कोयला, खनिज, नदियाँ—हमने ही चुरा लिए, बर्बाद किए, या लाल फ़ीते में कसकर बांध दिए। इतना सब होने के बावजूद हमने इसके साथ क्या किया? लगभग कुछ नहीं—बल्कि उल्टा किया। एक असहज सच है,… Continue reading मैकाले के इंजिन को ही मोदीजी चला रहे!

कामदेवः प्रेम, काम, वासना और रूप के देव

कामदेव को अनंग भी कहा जाता है। अनंग का अर्थ होता है- बिना अंग वाला अर्थात जिसके कोई शरीर नहीं हो, वह अनंग कहलाता है। भगवान शिव ने उनकी समाधि में विघ्न डालने के कारण रुष्ट होकर अपने तृतीय नेत्र से कामदेव को भष्म कर कामदेव पत्नी रति के रुदन को देखकर व देवताओं की… Continue reading कामदेवः प्रेम, काम, वासना और रूप के देव

‘डांसिंग भालूओं के बचाने, संरक्षण की दास्तां

भारत में अंतिम डांसिंग भालू अदित का 2009 में बचाया जाना इस कुप्रथा के औपचारिक अंत का प्रतीक है, लेकिन इससे जुड़े नैतिक और नीतिगत प्रश्न यहीं समाप्त नहीं होते। क्या वन्यजीव संरक्षण केवल कानून की भाषा में सीमित रह सकता है, या उसे सामाजिक सुधार, गरीबी उन्मूलन और शिक्षा की नीतियों के साथ जोड़कर… Continue reading ‘डांसिंग भालूओं के बचाने, संरक्षण की दास्तां

अमेरिका को पीछे छोड़ आगे बढ़ी दुनिया!

जी-20 के जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन से साफ जाहिर हुआल है कि अमेरिका की गैर-हाजिरी से वहां ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। जी-20 तो वैसे भी दुनिया की नई कथा से मामूली रूप से ही जुड़ा हुआ है। यह कथा लिखने के प्रमुख मंच ब्रिक्स+, यूरेशियन इकॉनमिक यूनियन, शंघाई सहयोग संगठन आदि जैसे संगठन हैं, और वहां… Continue reading अमेरिका को पीछे छोड़ आगे बढ़ी दुनिया!

आखिरकार नक्सलवाद हुआ खत्म

पिछले कुछ माह से सुरक्षाबल जिस तरह शीर्ष नक्सलियों को निपटा रहे है, उसे देखते हुए यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि मोदी सरकार ने राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाते हुए सुरक्षाबलों को हर तरह के संसाधन उपलब्ध कराए और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दशकों बाद तरक्करी का रास्ता साफ किया है। इस 18 नवंबर को… Continue reading आखिरकार नक्सलवाद हुआ खत्म

logo