भाजपा का नैरेटिव कंट्रोल प्रचार तंत्र की कमजोरी के कारण नहीं टूटा। यह कमजोर पड़ा है, क्योंकि प्रचार और जमीनी हकीकतों की दिशा विपरीत हो गई है। अवसरहीन पीढ़ी के बीच जुमलों को बेचना आसान नहीं है। यह अच्छी बात है कि भाजपा नेतृत्व को सियासी नैरेटिव पर अपना कंट्रोल टूट जाने का अहसास हुआ… Continue reading कंटेंट बिन कैसा प्रचार?
