राहुल बिहार जाने को लेकर सीरियस नहीं थे

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की बिहार यात्रा स्थगित हो गई है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि आगे किसी समय राहुल गांधी बिहार आएंगे। ध्यान रहे नीट यूजी के पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने और सीबीएसई की 12वीं की बोर्ड परीक्षा में ऑनस्क्रीन मार्किंग के कारण जो लाखों छात्र और परिवार परेशान हुए थे उसके बाद राहुल गांधी की चार राज्यों में यात्रा का कार्यक्रम बना था। वे 17 जून को राजस्थान के कोटा गए। उसके बाद उनको 10 जुलाई को प्रयागराज और 11 जुलाई को पटना जाना था। उसके बाद दिल्ली में उनका छात्रों से संवाद का कार्यक्रम था। कांग्रेस ने इसे छात्रों की गूंज नाम दिया। लेकिन राहुल न प्रयागराज गए और न बिहार गए हैं। प्रयागराज का तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन ऐसा लग रहा है कि बिहार जाने को लेकर न राहुल गांधी बहुत उत्साह में थे और न बिहार की प्रदेश कांग्रेस ईकाई में कोई उत्साह था।

सोचें, राहुल गांधी का कार्यक्रम जून के दूसरे हफ्ते में बन गया था और 17 जून को कोटा गए भी। इतना पहले कार्यक्रम तय होने के बावजूद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम की परमिशन नहीं ली थी। कांग्रेस ने यह भी तय नहीं किया था कि पटना में राहुल गांधी का कार्यक्रम कहां होगा। पहले राहुल गांधी का कार्यक्रम 11 जुलाई को पटना पहुंचने का था, जिसे बाद में बढ़ा कर 15 जुलाई कर दिया गया। फिर भी प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कार्यक्रम की जगह तय नहीं की और न जिला प्रशासन व पुलिस से इसकी परमिशन के लिए आवेदन किया। इस बीच दो जुलाई को पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा हो गई। उसके बाद प्रदेश कमेटी ने राहत की सांस ली। तत्काल राहुल गांधी का कार्यक्रम रद्द कराया गया। दिल्ली में भी राहुल की टीम इस इंतजार में बैठी थी कि कुछ हो तो यात्रा रद्द करें। सो, दोनों की मन की मुराद पूरी हो गई। बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के बहाने राहुल गांधी की पटना यात्रा रद्द कर दी दी गई। बांकीपुर का उपचुनाव 30 जुलाई को होना है।

प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी अगर इस समय पटना आते तो उसका ज्यादा असर होता। उपचुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट पर हो रहा है इसलिए पूरे प्रदेश में आचार संहिता नहीं लगी है। पटना से बाहर या आसपास कहीं भी कार्यक्रम हो सकता था। पिछले साल राहुल गांधी दरभंगा के अंबेडकर छात्रावास गए थे। सो, उपचुनाव यात्रा रद्द करने का मूल कारण नहीं हो सकता है। जानकार सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अभी कोई भी कार्यक्रम कराने की स्थिति में नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की कमान में कांग्रेस प्रदेश में बुरी तरह हारी और वे खुद भी अपनी सीट से हार गए। पार्टी के अंदर घमासान छिड़ा है। राज्यसभा सांसद और पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह खुल कर राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरू का विरोध कर रहे हैं। अभी कोई चुनाव भी नहीं है। इसलिए प्रदेश कमेटी अभी कोई कार्यक्रम नहीं करना चाहती है। दूसरा कारण यह है कि राजद व दूसरी सहयोगी पार्टियों के साथ कांग्रेस के संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं। इसलिए पटना में अकेले कार्यक्रम का निगेटिव प्रचार होने का खतरा था। एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि नीट यूजी की रद्द हुई परीक्षा 21 जून को दोबारा हो गई। उसमें कोई गड़बड़ी नहीं हुई, जिसके बाद इसका मामला ठंडा पड़ गया। इसलिए भी कांग्रेस की ओर से छात्रों के साथ संवाद वाले कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।


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