कांग्रेस पार्टी में महासचिवों की जिम्मेदारियों में बदलाव के बाद अब कुछ और बदलाव की बारी है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के 64 सचिवों में बड़ा बदलाव हो सकता है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी ने भी संगठन में बदलाव किया। उसका भी सबसे बड़ा बदलाव सचिवों में ही दिखाई दिया। करीब डेढ़ दर्जन सचिवों में सिर्फ एक अनिल एंटनी को रिपीट किया, बाकी सबको बदल दिया गया। कांग्रेस में भी कहा जा रहा है कि ज्यादातर सचिवों को बदला जा सकता है।
असल में राहुल गांधी ने पिछले दिनों पार्टी संगठन में जगह देने के लिए नेताओं के इंटरव्यू किए। पार्टी के नए सचिवों का चुनाव करने के लिए राहुल और केसी वेणुगोपाल ने कुछ अन्य नेताओं के साथ मिल कर इंटरव्यू किया। यह इंटरव्यू ग्रुप डिस्कशन की तरह था। एक बैच में 12 से 15 युवा व अनुभवी नेताओं का इंटरव्यू हुआ। राहुल गांधी ने उनसे उनके अब तक किए राजनीतिक कामकाज के बारे में सवाल पूछे। कांग्रेस संगठन के बारे में भी पूछा गया। कांग्रेस इन दिनों पूरे देश में संगठन सृजन अभियान चला रही है। सचिव बनने की इच्छा लेकर पहुंचे नेताओं से राहुल ने उसके बारे में भी पूछा। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी युवा और अनुभवी नेताओं को मिला कर एक नई टीम बनाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि किसी की पैरवी नहीं चलेगी। जानकार सूत्रों के मुताबिक पहले से महासचिव के साथ राज्यों में सचिव के तौर पर काम कर रहे ऐसे नेताओं को रिपीट किया जा सकता है, जो जमीन पर मेहनत करने वाले हैं।
