प्रफुल्ल पटेल क्या सुनेत्रा से अलग चल रहे हैं

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इस बात की बड़ी चर्चा है कि सुनेत्रा पवार की पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है। वे महाराष्ट्र में देवेंद्र फड़नवीस की सरकार के साथ हैं और सरकार में उप मुख्यमंत्री हैं। इसके बावजूद उनकी पार्टी के कुछ नेता उनसे अलग राजनीति कर रहे हैं और पार्टी तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि दिल्ली के एक बड़े नेता की शह पर यह कोशिश हो रही है और इसका मकसद फड़नवीस को कमजोर करना है। पता नहीं इन खबरों में कितनी सचाई है लेकिन यह पक्की खबर है कि शरद पवार की एकनाथ शिंदे से मुलाकात हुई है। यह मुलाकात शिंदे के कमरे में हुई और वहां पवार के 10 विधायक भी मौजूद थे।

शरद पवार की ओर से कहा जा रहा है कि यह सरकारी बैठक थी। लेकिन 18 साल बाद शरद पवार इस बैठक में शामिल हुए थे। उधर उनकी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा नेताओं से मुलाकात की है। अगर सूत्रों की मानें तो खबर यह है कि सुनेत्रा पवार नहीं चाहती हैं कि शरद पवार की पार्टी का विलय उनकी पार्टी में हो। वे स्वतंत्र राजनीति करना चाहती हैं। दूसरी ओर भाजपा चाहती है कि शरद पवार की पार्टी किसी रूप में एनडीए का हिस्सा बने। इस उधेड़बुन की स्थिति में सुनेत्रा पवार की एनसीपी के गैर मराठा नेता अपना दांव चल रहे हैं।

ध्यान रहे इन नेताओं ने अजित पवार के निधन के तुरंत बाद चुनाव आयोग को लिखा कर प्रफुल्ल पटेल को नेता घोषित किया था। लेकिन बाद में सुनेत्रा पवार ने इसे बदलवा दिया। अब वे उप मुख्यमंत्री और एनसीपी की अध्यक्ष हैं। ऐसे में प्रफुल्ल पटेल सहित बाकी नेता अलग थलग हुए हैं। पता नहीं उनको कहीं से इस बात की भनक है कि पार्टी के कुछ बड़े नेता फड़नवीस को कमजोर और एकनाथ शिंदे को मजबूत करना चाहते हैं। दूसरी ओर फड़नवीस की कोशिश शिंदे की बजाय सुनेत्रा को मजबूत करने की है। इस माहौल में एनसीपी का एक धड़ा अपना राजनीतिक दांव साधने की कोशिश कर रहा है।


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