भारत में पिछले कुछ वर्षों से हर चीज में साजिश देखने का चलन बहुत बढ़ गया है। कहीं से असहमति की आवाज उठती है या कोई आंदोलन होता है तो उसे तुरंत साजिश बता दिया जाता है। यह तब हो रहा है, जब कथित तौर पर भारत विश्व गुरू हो गया है और कथित तौर पऱ भारत की आवाज दुनिया में ज्यादा सुनी जाने लगी है। असल में सरकार असुरक्षा बोध से इतनी ग्रस्त हो गई है कि उसे हर चीज में साजिश दिख रही है। उसने एक पूरा तंत्र खड़ा कर रखा है, जिसका काम हर प्रतिरोध या असहमति की आवाज की साख बिगाड़ी जाए और उसे साजिश बताया जाए। तभी कॉकरोच जनता पार्टी को भी सरकार साजिश बता रही है। हालांकि सरकार के सहयोगी चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं की पार्टी कह रही है कि जनता में निराशा और गुस्सा है, जिसे सुना और समझा जाना चाहिए। लेकिन सरकार के लोग साजिश से आगे नहीं बढ़ रहे हैं।
इसलिए कॉकरोच जनता पार्टी के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक कराया गया। उसके बाद उसके इंस्टाग्राम को बंद कराने की कोशिश हुई और इसे चलाने वाले लोगों का दावा है कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक करने की कोशिश भी हुई। सोचें, यह स्थिति तब है, जबकि यह पार्टी नहीं बनी है और न कोई संगठन बना है। यह सिर्फ एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है और उससे ही इतना डर है। इसमें भी विदेशी साजिश देखने वालों में से कई राइटविंग लोगों ने सोशल मीडिया में लिखा और कई नेताओं ने सार्वजनिक बयान दिए राहुल गांधी पांच राज्यों के चुनावों के बीच गुचपुच तरीके से विदेश गए थे और उसके बाद ही यह अभियान शुरू हो गया। उन्होंने यह सोचना भी जरूरी नहीं समझा कि भारत के चीफ जस्टिस ने कॉकरोच वाला बयान राहुल गांधी के कहने पर नहीं दिया होगा। लेकिन उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी नाम से सोशल मीडिया हैंडल बनाए जाने को भी राहुल गांधी की और विदेशी ताकतों की साजिश बताया।
