अधीर रंजन को अपने ही लोगों से लड़ना है

Categorized as राजनीति

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के सबसे दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी एक बार फिर मुश्किल लड़ाई में फंसे हैं। वे लगातार पांच बार जीतने के बाद पिछला लोकसभा चुनाव हार गए थे। ममता बनर्जी ने गुजरात के क्रिकेटर यूसुफ पठान को उनके खिलाफ उतारा और खुद मुर्शिदाबाद में बैठ कर उनको हरवाया। अब अधीर बाबू 36 साल के बाद विधानसभा का चुनाव लड़ने उतरे हैं। एक समय उनका ऐसा जलवा रहा है कि मुर्शिदाबाद जिले में आने वाली तीन लोकसभा सीटों, बहरामपुर, जंगीपुर और मुर्शिदाबाद के नतीजे उनके हिसाब से तय होते थे। लेकिन अब अपनी विधानसभा सीट पर समस्या आ रही है। उनको अपने ही लोगों से मुकाबला है तो मुस्लिम नेता अलग घेरने में लगे हैं।

असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल में नई पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर के साथ तालमेल किया है। दोनों ने पहली रैली के लिए बहरामपुर को चुना, जहां से अधीर रंजन लड़ रहे है। वे दोनों अपना उम्मीदवार उतार रहे हैं। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रही शुभ्रा मैत्रा और नारुगोपाल मुखर्जी भी एक समय अधीर रंजन चौधरी के करीबी थे। यह भी कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी एक बार फिर पूरी ताकत लगाएंगी कि किसी तरह से अधीर रंजन चौधरी न जीतें। उनको पता है कि अगर अधीर रंजन जीतेंगे तो मुर्शिदाबाद इलाके में वे कांग्रेस को फिर से मजबूत कर सकते हैं। कांग्रेस की मजबूती का सीधा नुकसान ममता को होगा।


Previous News Next News

More News

यूपी से भाजपा के कितने दावेदार

September 25, 2026

उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हो गई है। उत्तराखंड की एक सीट पर भी चुनाव होगा और पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होगा। लेकिन सबकी नजर उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर है। राज्य में अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिहाज से राज्यसभा…

हरदीप पुरी की वापसी होगी या नहीं?

September 25, 2026

राज्यसभा चुनावों की घोषणा के बाद जिस एक चेहरे को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठ रहे हैं वह हरदीप सिंह पुरी का है। वे नरेंद्र मोदी की सरकार में पेट्रोलियम मंत्री हैं और उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सांसद हैं। पांच महीने में पंजाब में विधानसभा का चुनाव होने वाला है। ध्यान रहे पुरी केंद्र…

राम माधव का इंतजार क्या खत्म होगा?

September 25, 2026

भारतीय जनता पार्टी के बड़े और चर्चित नेताओं में राम माधव संभवतः इकलौते नेता हैं, जो आज तक सांसद नहीं हुए। पार्टी के सारे प्रवक्ता या महामंत्री रहे नेता सांसद बन चुके हैं। जो लोकसभा नहीं जीत सका उसको राज्यसभा भेजा गया। राम माधव न लोकसभा लड़े और न राज्यसभा का चुनाव लड़ा। उलटे भरपूर…

राजस्थान की क्रिकेट राजनीति

September 25, 2026

देश भर में क्रिकेट हो या फुटबॉल या दूसरा कोई भी खेल उनका प्रबंधन नेताओं के हाथ में ही है। एकाध अपवाद हो सकता है कि किसी खिलाड़ी को प्रबंधन में रखा गया हो लेकिन वह भी किसी न किसी राजनीतिक दल की कृपा से ही हुआ होगा। पहले कांग्रेस के हाथ में ताकत थी…

एसआईआर की सफाई में फंसते मतदाता !

September 25, 2026

उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात समेत बारह राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त सूची में भी करोड़ों नाम घटे। उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी संख्या में कटौती बताई गई, पश्चिम बंगाल में भी दस प्रतिशत से अधिक गिरावट दर्ज हुई। वहीं महाराष्ट्र में दो करोड़ से अधिक नाम बाहर दिखे, कर्नाटक में एक करोड़ से…

logo