कांग्रेस पार्टी को इस बार राज्यसभा की एक सीट का फायदा हो रहा है। वह इसलिए हो रहा है क्योंकि एमके स्टालिन ने तमिलनाडु से एक सीट देने का फैसला किया। कांग्रेस पार्टी के नेता दिखावा करने के लिए पवन खेड़ा का नाम ले रहे थे। सबको पता था कि अगर तमिलनाडु से कांग्रेस को सीट मिलेगी तो उत्तर भारत का कोई व्यक्ति नहीं जाएगा। तभी स्टालिन की कृपा से मिल रही सीट पर एम क्रिस्टोफर तिलक को उम्मीदवार बनाया गया है। कहा जा रहा है कि फिल्म स्टार विजय की वजह से कांग्रेस और स्टालिन दोनों परेशान हैं। विजय कास्ट न्यूट्रल हैं लेकिन उनके ईसाई होने की वजह से कांग्रेस को समस्या हो रही है। तभी क्रिस्टोफर तिलक की लॉटरी लग गई।
अजब गजब उम्मीदवारों में सबसे कमाल का नाम हरियाणा का है। कांग्रेस ने अपने कोटे की एक सीट के लिए करमबीर सिंह बौध को उम्मीदवार बनाया है। नामांकन के आखिरी दिन यानी पांच मार्च से एक दिन पहले जब कांग्रेस सर्किल में यह नाम आया तो सब हैरान थे। किसी को पता नहीं था कि इस नाम का कोई नेता पार्टी में है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की टीम ने यह नाम तय कराया है। उधर हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने अलग अपना खेल कर दिया। उनको अपने राज्य से न तो पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और अपनी प्रतिद्वंद्री रहीं प्रतिभा सिंह को भेजना था और न आनंद शर्मा को जाने देना था। सो, वे अनुराग शर्मा को लेकर आए। कांग्रेस ने यह अच्छा किया कि छत्तीसगढ़ में कोई प्रयोग करने की बजाय फूलोदेवी नेताम को फिर से उच्च सदन में भेजने का फैसला किया।
