शराब नीति घोटाले का केस खारिज होने के बाद सिर्फ अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी को ही राहत नहीं मिली है, बल्कि तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता को भी बड़ी राहत मिली है। सीबीआई ने शराब घोटाले में एक साउथ ग्रुप का जिक्र किया था और कविता को उसका नेता बताया था। दिल्ली की विशेष अदालत के जज ने साउथ ग्रुप जुमले को लेकर भी सीबीआई की खिंचाई की और पूछा कि साउथ ग्रुप है तो नॉर्थ ग्रुप क्यों नहीं है? ध्यान रहे अगर शराब कंपनियां दक्षिण भारत की थी तो इस कथित घोटाले में शामिल नेता और अन्य लोग उत्तर भारत के थे। बहरहाल, अब सवाल है कि के कविता के बरी होने के बाद राज्य में क्या राजनीति होगी।
गौरतलब है कि के कविता ने अपने पिता की पार्टी छोड़ दी है। बीआरएस से अलग होकर उन्होंने तेलंगाना जागृति पार्टी बनाई है। उन्होंने आरोप लगाया था उनके पिता की पार्टी को भाजपा का पिछलग्गू बनाया जा रहा है। कविता ने यहां तक आरोप लगाए थे कि बीआरएस को भाजपा में मिलाया जा सकता है। लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। दो बदलाव हुए हैं। पहला तो यह कि चंद्रशेखर राव सक्रिय हो गए हैं और दूसरे, कविता शराब घोटाले से बरी हो गई हैं। इन दोनों बातों की वजह से चर्चा शुरू हो गई है कि अब कविता अपनी पार्टी का विलय पिता की पार्टी में कर सकती हैं। हालांकि कविता के करीबी इस बात को स्वीकार नहीं कर रहे हैं लेकिन अगले कुछ दिन में तेलंगाना की राजनीति में भी बदलाव होगा।
