ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनाव होंगे। वैसे तो चारों सीटें पिछले दो वार्षिक चुनाव में बीजू जनता दल ने जीते थे। लेकिन 2024 के विधानसभा चुनाव में बीजद के हार कर सत्ता से बाहर होने के बाद दो सांसदों ने पाला बदल लिया। वे भाजपा के साथ चले गए। सुजीत कुमार और ममता मोहंता भाजपा में चले गए हैं। इस तरह दो सीटें भाजपा की हैं और दो बीजू जनता दल की। ओडिशा की 147 सदस्यों की विधानसभा में भाजपा के पास 82 विधायक हैं। राज्य में एक सीट जीतने के लिए 29 वोट की जरुरत है। इस लिहाज से भाजपा आराम से दो सीटें जीत लेगी। लेकिन उसके बाद भाजपा के पास ज्यादा से ज्यादा 22 वोट बचेंगे।
दूसरी ओर बीजू जनता दल के 48 विधायक हैं, जिनके दम पर वह एक सीट जीत लेगी और उसके पास 19 वोट बचेंगे। दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 10 अतिरिक्त वोट की जरुरत होगी। कांग्रेस के पास राज्य विधानसभा में 14 विधायक हैं। अगर कांग्रेस और बीजू जनता दल मिल जाएं तो चौथी सीट जीत सकते हैं। कांग्रेस की ओर से बीजद को प्रस्ताव दिया गया है कि दोनों पार्टियां मिल कर किसी निर्दलीय को उम्मीदवार बना दें। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास यह प्रयास कर रहे हैं। भाजपा अगर तीसरा उम्मीदवार देगी तब चुनाव दिलचस्प होगा। क्योंकि यह तय लग रहा है कि कांग्रेस और बीजू जनता दल दो सीटों पर लड़ेंगे।
