उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव एक साल बाद होने हैं। अगले साल मार्च में चुनाव होंगे। लेकिन पार्टी ने अभी से उम्मीदवारों की छंटनी शुरू कर दी है। जानकार सूत्रों का कहना है कि समाजवादी पार्टी अपने लगभग सभी विधायकों को वापस टिकट देगी। इसलिए एक सौ से कुछ ज्यादा सीटों पर पार्टी को दिमाग लगाने की जरुरत नहीं है। इसके अलावा 70 के करीब सीटों कांग्रेस को दी जाएंगी। उन सीटों पर भी सपा को ज्यादा ध्यान नहीं देना है। हालांकि पार्टी के एक जानकार नेता ने कहा कि कांग्रेस से उसके उम्मीदवारों के नाम मांगे जाएंगे।
इसका मतलब है कि कांग्रेस जो सीट मांगेगी उस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार का नाम पहले पूछा जाएगा। सपा का कहना है कि कांग्रेस सीट ले लेती है और उसके पास उम्मीदवार नहीं होते हैं। इसके अलावा पिछले चुनाव में सपा के उम्मीदवार जिन सीटों पर कम अंतर से दूसरे स्थान पर रहे थे उन सीटों पर भी कम ही उम्मीदवार बदले जाएंगे। इस तरह ढाई से तीन सौ के करीब उम्मीदवारों के बारे में मोटे तौर पर सहमति है। बाकी सीटों के लिए उम्मीदवारों की छंटनी का काम शुरू हो गया है। संभावित उम्मीदवारों की सूची बनाई जा रही है और उनके कामकाज की रिपोर्ट ली जा रही है। इस बार बसपा की तरह सपा ने समय से पहले उम्मीदवारों की घोषणा की तैयारी शुरू की है।
