प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिर वह कहा, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले करीब एक साल से सुनना चाहते थे और मोदी या भारत की ओर से कहा नहीं जा रहा था। प्रधानमंत्री ने उनको दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए बहुत अहम बताया है। पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 10 मई को राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर का ऐलान किया था। उनकी घोषणा के बाद भारत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें कहा गया कि संघर्षविराम हो गया है। तब से ट्रंप इस बात का इंतजार कर रहे थे कि भारत उनको धन्यवाद देगा या आभार जताएगा। पाकिस्तान ने उनको धन्यवाद दिया और युद्ध रुकवाने का क्रेडिट देते हुए उनको नोबल पुरस्कार के लिए नामित भी किया। लेकिन भारत ने न धन्यवाद कहा और न आभार जताया। इसके बाद ट्रंप ने हर मौके पर कहना शुरू किया कि उन्होंने टैरिफ की धमकी देकर भारत और पाकिस्तान का युद्ध रुकवाया।
ऐसा नहीं है कि वे भारत के व्यवहार से इसी वजह से आहत थे कि भारत ने उनको सीजफायर का श्रेय नहीं दिया या नोबल पुरस्कार के लिए नामित नही किया। वे बार बार दुनिया भर के देशों में युद्ध रुकवया। वे सात युद्ध रुकवाने का दावा करते हैं और रूस व यूक्रेन युद्ध रुकवाने के लिए तो उन्होंने बहुत कुछ दांव पर लगाया है। हालांकि यह अलग बात है कि उन्होंने आठ युद्ध शुरू भी किए हैं। सीरिया से लेकर नाइजारिया तक और ईरान से लेकर वेनेजुएला तक उन्होंने नए मोर्चे खोले। लेकिन वे चाहते थे कि उनको शांति के मसीहा के तौर पर देखा जाए। जब ऐसा नहीं हुआ तो उन्होंने नार्वे के प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी लिखी, जिसमें कहा कि उनको शांति का नोबल नहीं मिला इसलिए उनका शांति से मोहभंग हो गया है। इस मोहभंग में उन्होंने युद्ध छेड़ना शुरू कर दिया।
बहरहाल, राष्ट्रपति ट्रंप भारत से सुनना चाहते थे कि वे शांति के मसीहा हैं। आखिर भारत दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अब जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह बात कही, जो ट्रंप सुनना चाहते थे। ट्रंप ने सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी से बात की, जिसकी सूचना भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी। उस पोस्ट के कोई 45 मिनट बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार संधि का ऐलान किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लंबी पोस्ट लिखी। इसके करीब एक घंटे के बाद रात 11 बज कर दो मिनट पर मोदी ने इसकी पुष्टि की। मोदी ने भारत पर टैरिफ घटाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को देश के 140 करोड़ लोगों की ओर से ‘दिल से धन्यवाद’ दिया। लेकिन इससे ज्यादा अहम था कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में ट्रंप का महत्व बताते हुए लिखा, ‘वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व बेहद अहम है। शांति के लिए उनके प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता हूं’। ट्रंप यही सुनना चाहते थे कि भारत और उसके प्रधानमंत्री विश्व शांति के प्रयासों में उनकी भूमिका स्वीकार करें और उसे सराहें। मोदी ने उनके मन की बात कह दी है। अब उम्मीद करनी चाहिए कि वे भारत के लिए और प्रधानमंत्री के लिए भी अपमानजनक बातें करना बंद करेंगे।
