नीतीश का इकोसिस्टम बहुत सतर्क

Categorized as राजनीति

बिहार में भाजपा और जनता दल यू के बीच शह मात का खेल चल रहा है। भाजपा इस प्रयास में है कि कितनी जल्दी नीतीश कुमार रिटायर हों और उसका मुख्यमंत्री बने तो दूसरी ओर जनता दल यू के नेता इस प्रयास में हैं कि कितने ज्यादा समय तक नीतीश को सीएम बनाए रखा जाए। जनता दल यू के बड़े नेताओं को छोड़ भी दें तो इन दिनों नीतीश कुम्रार के आसपास जो अपना इकोसिस्टम बना है उसके लोग किसी हाल में नहीं चाहते कि नीतीश हटें। इस इकोसिस्टम में बिहार के पूर्व मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री के सलाहकार दीपक कुमार हैं तो एक समय नीतीश के उत्तराधिकारी बताए जा रहे पूर्व आईएएस अधिकारी मनीष वर्मा भी हैं। उनके अलावा पार्टी के नेताओं में संजय गांधी और ललन सर्राफ हैं। परिवार के लोगों में मनीष और अनुराग हैं, जो पार्टी के कामकाज के साथ साथ नीतीश कुमार का भी ख्याल रखते हैं। नीतीश की सुरक्षा में पिछले करीब तीन दशक से तैनात और रिटायर हो जाने के बाद भी सुरक्षा संभाल रहे हरेंद्र सिंह भी हैं। इनके अलावा भी कुछ लोग हैं, जो आमतौर पर अदृश्य रहते हैं। इस इकोसिस्टम के लोग हर हाल में नीतीश को बनाए रखना चाहते हैं।

इसकी दूसरी कोशिश यह है कि अगर सत्ता हस्तांतरण हो तो नीतीश कुमार के बेटे निशांत को कम्न मिले। अगर नीतीश रहते हैं या उनके बेटे को बनाया जाता है तभी इन सभी लोगों की एक, अणे मार्ग में मौजूदगी रहेगी। अगर जनता दल यू से ही कोई दूसरा नेता बने या सत्ता हस्तांतरित होकर भाजपा के हाथ में चली  जाए तो इन सबको एक, अणे मार्ग छोड़ना होगा। इस इकोसिस्टम के बाहर एक दूसरा घेरा नेताओं का है, जिसमें कार्यकारी राष्च्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी हैं। ये तीनों अगड़ी जाति से आते हैं और नीतीश के करीबी इकोसिस्टम में इनको लेकर संदेह है। वहां माना जा रहा है कि ये सब लोग किसी न किसी कारण से कंप्रोमाइज्ड हैं और बाजपा के साथ किसी तरह का सौदा कर सकते हैं। एनडीए गठबंधन में अगर भाजपा का मुख्यमंत्री बन जाता है तो उनकी भी मौजूदा शक्ति कम होगी लेकिन इनके पास गंवाने के लिए उतना नहीं है, जितना नीतीश के कोर इकोसिस्टम के लोगों के पास है। इसलिए इकोसिस्टम किसी तरह से नीतीश को सक्रिय रखना चाहता है ताकि जनता में .यह संदेश जाएगा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ हैं और अभी पद पर रहेंगे।

यही मैलेज देने के लिए 16 जनवरी से नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा की योजना बनी है। मुख्यमंत्री वैसे हर साल सर्दियों में कोई न कोई यात्रा करते रहे हैं। पिछली बार वे प्रगति यात्रा पर निकले थे। इस बार समृद्धि यात्रा पश्चिम चंपारण से शुरू होगी। मुख्यमंत्री पूरे राज्य में घूमेंगे और अधिकारियों, नेताओं व जनता से संवाद करेंगे। ध्यान रहे इसमें जोखिम बहुत है क्योंकि नीतीश कुमार की शारीरिक व मानसिक स्थिति ऐसी है कि वे किसी भी समय कोई ऐसा काम कर सकते हैं, जिससे निगेटिव खबरें बन जाती हैं। पिछले दिनों उन्होंने जिस तरह से एक मुस्लिम महिला से हिजाब खींच दिया था उसे मैनेज करने में पार्टी के बड़े नेताओं की हालत खराब हो गई थी। इसलिए माना जा रहा है कि यात्रा के दौरान बहुत गार्डेड तरीके से उनकी मुलाकात लोगों से कराई जाएगी। कहा जा रहा है कि इस यात्रा का असल मकसद बिहार के लोगों को यह दिखाना है कि मुख्यमंत्री ठीक हैं ताकि भाजपा अगर कोई दांव चले तो उस समय लोगों में नाराजगी हो। लोग यह सोचें कि जब नीतीश कुमार ठीक काम कर रहे हैं तो उनको क्यों हटाया जा रहा है। तभी उनकी इस यात्रा पर भाजपा की पैनी नजर रहेगी।


Previous News Next News

More News

ईरान युद्ध का लक्ष्य कैसे हासिल होगा?

March 4, 2026

पुरानी कहावत है कि ‘चुनाव से पहले, युद्ध के दौरान और शिकार के बाद सबसे ज्यादा झूठ बोले जाते हैं’। सो, ईरान में युद्ध चल रहा है और झूठ की चौतरफा बौछार हो रही है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि युद्ध अमेरिका ने शुरू नहीं किया…

भारत तेल भंडार की चिंता में

March 4, 2026

नई दिल्ली। भारत के पास कच्चे तेल का भंडार कम हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास सिर्फ 25 दिन के कच्चे तेल और रिफाइंड का भंडार है। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले के बाद तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। गौरतलब है कि भारत की जरुरत का करीब 40…

ट्रंप ने दांवा किया ईरान बातचीत चाहता है

March 4, 2026

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के चौथे दिन मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है लेकिन अब बहुत देर हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की वायु और नौसैनिक क्षमता पूरी तरह से खत्म हो गई…

ईरान में आठ सौ लोगों की मौत

March 4, 2026

नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले में पिछले चार दिन में करीब आठ सौ लोगों की मौत हो चुकी है। पहले दिन हुए हमले में एक स्कूल में करीब डेढ़ सौ छात्राओं की मौत हो गई थी। मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुआ।…

पटरी पर लौटा रिश्ता

March 4, 2026

मार्क कार्नी की सोच है कि जब बड़ी ताकतें अंतरराष्ट्रीय व्यवहार के कायदों को ठोकर मार रही हैं, मध्यम दर्जे की ताकतों को आपस में मिलकर अपने हितों की रक्षा करनी चाहिए। भारत यात्रा में उनकी ये सोच प्रतिबिंबित हुई। मार्क कार्नी की भारत यात्रा का सार है कि नए हालात के बीच भारत और…

logo