अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब भी रूस से तेल खरीद को लेकर भारत को चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने रूस से तेल खरीदने की वजह से भारत पर 25 फीसदी कै अतिरिक्त टैरिफ लगा रखा है। उससे पहले जैसे को तैसा टैरिफ के तहत भारतीय उत्पादों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था। सो, भारत के अमेरिका भेजने वाले हर उत्पाद पर 50 पीसदी टैरिफ चुकाना पड़ रहा है। लेकिन क्या भारत इस चेतावनी की वजह से रूस से तेल खरीदने में पीछे हट रहा है। ऐसा लग नहीं रहा है। कम से कम आंकड़ों के लिहाज से देखें तो भारत अब भी रूस से तेल खरीद रहा है। हां, यह जरूर है कि उसने अमेरिका से तेल खरीदना बढ़ा दिया है।
भारत सरकार की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक नवंबर के महीने में भारत ने अपनी कुल तेल खरीद का 35 फीसदी रूस से खरीदा। यानी एक तिहाई से ज्यादा तेल भारत ने रूस से खरीदा है। इसके साथ ही अमेरिका से भी तेल खरीद भारत ने बढ़ा दी है और नवंबर में अपनी कुल खरीद का 15 फीसदी हिस्सा से अमेरिका से खरीदा। इसका मतलब है कि भारत अपनी कुल जरुरत का 50 फीसदी तेल अब रूस और अमेरिका से खरीद रहा है। भारत ने नवंबर 2025 में 7.7 मिलियन टन तेल रूस से खरीदा है। पिछले एक साल में मई और जून के बाद यह रूस से तेल खरीद का तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। अगर पूरे साल की बात करें भारत ने रूस से लगभग 34 फीसदी तेल खरीदा है।
