पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर सीट के सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी हाल ही में चुनाव आयोग को चुनौती देकर गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की बैठक में सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त से पंगा किया और कहा कि चुनाव आयुक्त नॉमिनेटेड हैं, जबकि वे इलेक्टेड हैं। वे जब चुनाव आयोग पहुंचे थे तो उन्होंने गेट के बाहर रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती देखी थी, जिसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि अभी तो अभिषेक बनर्जी आए हैं, जब ममता बनर्जी आएंगी तब क्या होगा? अब उन्होंने यह चुनौती दी है कि चाहे जितना भी एसआईआर करा लो पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी। गौरतलब है कि एसआईआर में 58 लाख के करीब नाम कटे हैं और 32 लाख और लोगों को नोटिस भेजा गया है।
इसके अलावा अभिषेक बनर्जी की चुनौती भाजपा नेताओं के लिए भी है। उन्होंने कहा है कि 10 से असम में भाजपा की सरकार है तो वह सोनार असम क्यों नहीं बना रही है, जो सोनार बांग्ला बनाने की बात कर रही है? उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा दो बार लगातार त्रिपुरा में जीती है तो उसने वहां सोनार त्रिपुरा क्यों नहीं बनवा दिया? अभिषेक बनर्जी ने दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का भी हिसाब मांगा है। असल में वे ममता बनर्जी वाली टकराव की राजनीति को आगे बढ़ा रहे हैं। वे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती दे रहे हैं। यह बंगाल की राजनीति का कोर तत्व है। बांग्ला अस्मिता की राजनीति भी इससे मजबूत होती है। वे एक यात्रा कर रहे हैं और पूरी यात्रा में वे चुनौती देते रहेंगे।
