एक तरफ भाजपा की ओर से तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम को वापस अन्ना डीएमके में शामिल कराने या किसी तरह से एनडीए में लाने की कोशिश हो रही है तो दूसरी ओर अन्ना डीएमके नेता ई पलानीस्वामी ने अपना दांव चल दिया। इससे पहले ही भाजपा के नेताओं की ओर से दबाव बने उन्होंने अपने को अगले साल के विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित करा लिया। बुधवार, 10 दिसंबर को पार्टी की बैठक हुई, जिसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए और सबने एक स्वर में पलानीस्वामी को एनडीए की ओर से मुख्यमंत्री पद का दावेदाऱ घोषित किया।
बाद में पलानीस्वामी ने कहा कि अन्ना डीएमके और भाजपा को मिला कर 41.33 फीसदी वोट बनता है, जिससे गठबंधन 210 सीटें जीत सकता है। उन्होंने 239 की विधानसभा में 210 सीटों जीतने का लक्ष्य रखा। अब मुश्किल यह है कि न तो पनीरसेल्वम उनको सीएम का चेहरा मानने को तैयार हैं और टीटीवी दिनाकरण व शशिकला को वे सीएम दावेदार के तौर पर स्वीकार्य हैं। दूसरी ओर भाजपा चाहती है कि पनीरसेल्वम और दिनाकरण दोनों एनडीए में लौटें। इनकी शर्त है कि अन्ना डीएमके किसी और को नेता चुने या किसी और को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया जाए। लेकिन पलानीस्वामी अपनी जगह इतनी मजबूत कर चुके हैं कि उन्हें रोका नहीं जा सकता है।
